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'कस्तूरबा' और 'कमला' कराएंगी कुंभ स्नान, बस इतना देना होगा किराया
Mon, 17 Dec 2018 12:05 PM IST
utpal utpal
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: utpal utpal
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:05 PM IST
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जलपोत सीएल 'कस्तूरबा'
- फोटो : अमर उजाला
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श्रद्धालु अब जलमार्ग से भी अर्द्ध कुंभ मेला पहुंच सकेंगे। इसके लिए काशी से प्रयागराज के बीच दो जलपोत सीएल कस्तूरबा और एसएल कमला चलाए जाएंगे। जहाजरानी मंत्रालय के निर्देश पर 15 जनवरी से 15 मार्च के बीच यह सुविधा देने का निर्णय लिया गया है।
अंतर्देशीय जलमार्ग विकास प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने इसके लिए काम भी शुरू कर दिया है। प्रयागराज से वाराणसी के बीच चटनाग, सिरसा, सीतामढ़ी, विंध्याचल और चुनार में अस्थाई जेट्टी लगाई जा रही हैं। जहां से श्रद्धालु जलपोतों पर चढ़ व उतर सकेंगे। इसके अलावा प्रयागराज में किलाघाट, सरस्वती घाट, नैनी ब्रिज और सुजवान घाट पर फ्लोटिंग टर्मिनल भी बनाए जा रहे हैं।
इनलैंड वाटरवेज अथारिटी ऑफ इंडिया के अनुसार, जरूरत पड़ने पर और भी जलपोतों की सुविधा प्रदान की जाएगी। फ्लोटिंग टर्मिनलों के बीच का किराया 20 से 100 रुपये होगा। प्रयागराज और वाराणसी के बीच गंगा में कम से कम एक मीटर गहराई बनाए रखने के लिए भी काम शुरू हो गया है, ताकि जलपोतों का संचालन आसानी से हो सके।
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अंतर्देशीय जलमार्ग विकास प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने इसके लिए काम भी शुरू कर दिया है। प्रयागराज से वाराणसी के बीच चटनाग, सिरसा, सीतामढ़ी, विंध्याचल और चुनार में अस्थाई जेट्टी लगाई जा रही हैं। जहां से श्रद्धालु जलपोतों पर चढ़ व उतर सकेंगे। इसके अलावा प्रयागराज में किलाघाट, सरस्वती घाट, नैनी ब्रिज और सुजवान घाट पर फ्लोटिंग टर्मिनल भी बनाए जा रहे हैं।
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इनलैंड वाटरवेज अथारिटी ऑफ इंडिया के अनुसार, जरूरत पड़ने पर और भी जलपोतों की सुविधा प्रदान की जाएगी। फ्लोटिंग टर्मिनलों के बीच का किराया 20 से 100 रुपये होगा। प्रयागराज और वाराणसी के बीच गंगा में कम से कम एक मीटर गहराई बनाए रखने के लिए भी काम शुरू हो गया है, ताकि जलपोतों का संचालन आसानी से हो सके।
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उधर, दरअसल कई निजी कंपनियों ने भी इलाहाबाद से काशी के बीच जहाज संचालन की इच्छा जताई है। आईडब्ल्यूएआई के अध्यक्ष प्रवीर पांडेय ने कहा कि सुरक्षित और सुविधाजनक सफर के लिए गंगा में जलपोत संचालन को चार फ्लोटिंग टर्मिनल और पांच अस्थाई जेट्टी बनाई जा रही हैं। काशी से प्रयागराज के बीच एक मीटर गहराई मेंटेन रहेगी, ताकि जहाजों का संचालन आसानी से हो सके।आईडब्ल्यूएआई के अध्यक्ष प्रवीर पांडेय ने कहा कि सुरक्षित और सुविधाजनक सफर के लिए गंगा में जलपोत संचालन को चार फ्लोटिंग टर्मिनल और पांच अस्थाई जेट्टी बनाई जा रही हैं। काशी से प्रयागराज के बीच एक मीटर गहराई मेंटेन रहेगी, ताकि जहाजों का संचालन आसानी से हो सके।
कुंभ के लिए 500 से अधिक बसें और 100 से ज्यादा ट्रेनें
प्रयागराज में लगने वाले अर्द्ध कुंभ मेले तक श्रद्धालुओं के आरामदायक सफर के लिए रेल व रोडवेज प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। वाराणसी के साथ-साथ पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों से 500 से ज्यादा रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा। वहीं 100 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी जो श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में पहुंचने व वहां से लौटने में मदद करेंगी।
बस व ट्रेनों के संचालन के लिए तैयारी शुरू हो गई है। 20 बसों की खरीदारी हो चुकी है। 10 और बसें जल्द ही रोडवेज के बेड़े में शामिल हो जाएगी। अर्द्ध कुंभ से पहले सभी बसों की खरीदारी होनी है।
पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से प्रयागराज के लिए अलग-अलग तिथियों पर विशेष ट्रेनों का संचालन भी किया जाएगा।