Development Project: सारनाथ में पिछले 10 माह से विकास के नाम पर एक ईंट भी नहीं रखी गई, टांग दिया काम शुरू होने का पोस्टर
भगवान बुद्ध की प्रथम धर्म उपदेश स्थली सारनाथ में विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाना है। इसके लिए विश्व बैंक ने 72 करोड़, 63 लाख रुपये की स्वीकृति भी दे दी है।एनओसी के इंतजार में अब तक काम शुरू नहीं हो सका है।
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उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी प्रो-पुअर टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पिछले 10 माह बाद एक कदम आगे नहीं बढ़ सका है। पर्यटन स्थल का विकास पिछले 10 माह से एनओसी के इंतजार में अटका हुआ है और कार्यदायी संस्था ने बगैर एनओसी के 4 अगस्त से काम शुरू होने का पोस्टर टांग दिया है।
भगवान बुद्ध की प्रथम धर्म उपदेश स्थली सारनाथ में विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाना है। इसके लिए विश्व बैंक ने 72 करोड़, 63 लाख रुपये की स्वीकृति भी दे दी है। वीडीए ने उत्तर प्रदेश प्रो-पुअर टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के विकास कार्य का जिम्मा कार्यदायी संस्था केके डेवलपर बिल्डर को सौंपी है।
एएसआई को छोड़कर ज्यादातर विभागों से मिली एनओसी
सारनाथ क्षेत्र का चौमुखी विकास करने का काम 10 माह पहले शुरू किया गया लेकिन एनओसी ने रास्ता रोक दिया। पिछले 10 माह में सारनाथ क्षेत्र में पोस्टर टांगने के सिवाय एक ईंट भी रखने का काम नहीं किया गया है। कार्य योजना के बोर्ड में विकास कार्य को 21 अगस्त 2021 से शुरू करना दर्शाया गया है।
एनओसी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। वीडीए वीसी इशा दुहन ने कहा कि विश्व बैंक के मदद से विकास कार्य कराया जाना है। एएसआई को छोड़कर ज्यादातर विभागों से एनओसी मिल गई है। एनओसी लेने का प्रयास किया जा रहा है।