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डरें नहीं डटें, चुप्पी तोड़ें

Fri, 21 Aug 2015 02:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ब्यूरो
ब्यूरो/अमर उजाला, ब्यूरो Updated Fri, 21 Aug 2015 02:38 AM IST
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Not afred, brake silence and fright
सर, ऑटो में बैठने वाले पुलिस अंकल किराया क्यों नहीं देते, मुकदमों की सुनवाई में वर्षों क्यों लग जाते हैं, अपराधियों को जल्दी सजा क्यों नहीं मिल पाती..., ये सवाल थे आर्य महिला इंटर कालेज की छात्राओं के। वे गुरुवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ कार्यक्रम में एसएसपी जोगेंद्र कुमार से रूबरू थीं। कुछ छात्राओं ने अपने साथ हुई छेड़खानी की घटनाओं की भी शिकायत की। एसएसपी ने छात्राओं के सभी सवालों का पूरी आत्मीयता से जवाब दिया। कहा कि वे डरें नहीं, चुप्पी तोड़ें और डट कर पुलिस से शिकायत करें। अगर थाने में सुनवाई नहीं होती तो सीधे उनसे संपर्क करें। उन्होंने छात्राओं को अपना मोबाइल नंबर भी दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल सिंह ने छात्राओं को कानून की बारीकियों से अवगत कराया।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसएसपी जोगेंद्र कुमार, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की प्रधान मजिस्ट्रेट रेखा श्रीवास्तव, जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल सिंह और सीओ ट्रैफिक जया शांडिल्य को अपने बीच पाकर छात्राएं गदगद थीं। एसएसपी ने छात्राओं से कहा कि आप निडर होकर आवाज उठाएं। अपनी शिकायतें पुलिस तक पहुंचाएं। उनका समाधान होगा। पुलिस पर
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भरोसा करें। पुलिस आपकी मदद के लिए है। वहीं सीडब्ल्यूसी की चेयरपर्सन ने छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। कहा कि जन्म लेना, पालन-पोषण, विकास, भागीदारी और सुरक्षा का अधिकार आपका हक है। आपके साथ कोई भावनात्मक, पारिवारिक, आर्थिक और सामाजिक शोषण करता है तो वह भी अपराध की श्रेणी में आता है। जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल सिंह ने शिकायतों को दर्ज कराने तथा उनकी
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सुनवाई एवं पैरवी के बारे में बताया। पास्को एक्ट के बारे में जानकारी दी। साथ ही छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आप कमजोर नहीं हैं। हौसले से काम लें। सीओ ट्रैफिक जया शांडिल्य ने बताया कि किसी व्यक्ति द्वारा लगातार घूरना और अश्लील मैसेज भेजना भी अपराध है। ऐसी घटनाओं को कतई न छिपाएं। बेबाकी से अपनी बात को रखना सीखें।
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