{"_id":"6436509d821dbbd47a092009","slug":"nominations-open-for-municipal-elections-2023-04-12","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP Nikay Chunav 2023: नामांकन शुरू होने के साथ वाराणसी में बढ़ी मेयर के दावेदारों की धड़कनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP Nikay Chunav 2023: नामांकन शुरू होने के साथ वाराणसी में बढ़ी मेयर के दावेदारों की धड़कनें
Wed, 12 Apr 2023 03:36 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Wed, 12 Apr 2023 03:36 PM IST
सार
नामांकन शुरू होने के साथ ही निकाय चुनाव में मेयर पद के दावेदारों की धड़कनें बढ़ गई हैं। अब तक किसी भी प्रमुख पार्टी की ओर से मेयर पद के लिए प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए हैं। इन प्रमुख दलों के पास दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। बावजूद इसके अब तक प्रत्याशी का चयन नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
निकाय चुनाव परिणाम।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी में नामांकन शुरू होने के साथ ही निकाय चुनाव में मेयर पद के दावेदारों की धड़कनें बढ़ गई हैं। अब तक किसी भी प्रमुख पार्टी की ओर से मेयर पद के लिए प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए हैं। इन प्रमुख दलों के पास दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। बावजूद इसके अब तक प्रत्याशी का चयन नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
भाजपा ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। पार्टी के पास लंबी सूची हैं, जिनमें से किसी एक को टिकट दिए जाने की चर्चा है। जानकारों के अनुसार इस बार गैर राजनीतिक व्यक्ति को टिकट देने पर विचार चल रहा है। कांग्रेस में कई लोगों ने आवेदन किया है। दिल्ली हाईकमान तक सूची पहुंच गई है। इस पर केंद्रीय समिति अंतिम निर्णय करेगी।
विज्ञापन
सपा में मंत्रणा चल रही है लेकिन, नाम फाइनल नहीं हुआ है। जल्द ही नाम की घोषणा की बात बताई जा रही है। बसपा में लगातार मंथन हो रहा है लेकिन अब तक सूची का पता नहीं है। चारों प्रमुख दलों के नेताओं की बैठकें जारी हैं। जातिगत समीकरण और 2017 के वोट प्रतिशत को ध्यान में रखकर टिकट देने की रणनीति तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
इसमें कइयों के मंसूबों पर पानी फिरना तय है। ऐसे में पार्टी में होने वाली बगावत को थामने के लिए पार्टी के धुरंधरों को लगाया जा रहा है ताकि चुनाव में किसी प्रकार की दिक्कत न होने पाए।