'निरहुआ' को मिली वाई प्लस सुरक्षा, डीएम को पत्र लिख कर बताया था जान को खतरा
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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आजमगढ़ सदर सीट से भाजपा की तरफ से अब तक किसी भी प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं हुई। लेकिन भोजपुरी स्टार और भाजपा कार्यकर्ता दिनेश लाल यादव उर्फ 'निरहुआ' को प्रमुख सचिव गृह की ओर से उपलब्ध कराई गई वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिलने से मंगलवार शाम से अटकलों का बाजार फिर गरम हो गया।
भोजपुरी गायक और कलाकार दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' ने कुछ दिनों पहले डीएम आजमगढ़ के साथ ही प्रमुख सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा था। पत्र में उन्होंने जिक्र किया था कि वो भोजपुरी फिल्म जगत के कलाकार हैं। भाजपा के सदस्य हैं और आजमगढ़ सदर लोकसभा सीट से भाजपा के भावी उम्मीदवार भी हैं।
दिनेश लाल का दावा है कि वो समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने जा रहे हैं। आजमगढ़ जिले में तमाम ऐसे लोग हैं जो उनसे बैर रखते हैं। विरोधियों द्वारा किसी भी समय जानलेवा हमला भी करवाया जा सकता है। इसलिए मुझे वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
प्रत्याशी नहीं तो स्टार प्रचारक बनना तय
दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' के इस प्रार्थना पत्र को संज्ञान में लेते हुए डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने अपनी रिपोर्ट शासन और चुनाव आयोग को भेज दी थी। प्रमुख सचिव गृह की ओर से 29 मार्च को दिनेश लाल यादव निरहुआ को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई। बता दें कि आजमगढ़ जिले में भाजपा ने अब तक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
आजमगढ़ सदर से दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' और पूर्व सांसद रमाकांत यादव का नाम जोरों पर है। दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिलने से इतना तो तय है कि यदि वो प्रत्याशी नहीं भी हुए तो स्टार प्रचारक की लिस्ट में शामिल हो सकते हैं। एसपी सिटी कमलेश बहादुर ने बताया कि शासन के निर्देश पर दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई है।
इस प्रकार होगी 'निरहुआ' की सुरक्षा
एसपी सिटी कमलेश बहादुर ने बताया कि वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा और स्कार्ट के तहत दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' की सुरक्षा में 16 पुलिसवालों को लगाया गया है। इसके तहत छह पीएसओ तैनात किए गए हैं। इसमें दो-दो पीएसओ की आठ-आठ घंटे की ड्यूटी रहती है।
इसके अलावा एक दीवान और चार सिपाही सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। इसके अलावा स्कार्ट में भी चार सिपाहियों को तैनात किया जाता है। यह सभी पुलिसकर्मी सुरक्षा मिलने वाले के साथ हमेशा रहते हैं। पालियों के हिसाब से अपनी ड्यूटी चेंज करते रहते हैं।