धोखाधड़ी मामला: नीलगिरी इंफ्रासिटी के एमडी-सीएमडी सहित चार की करोड़ों की अवैध संपत्ति होगी जब्त
नीलगिरी इंफ्रॉसिटी के सीएमडी विकास सिंह, एमडी पत्नी ऋतु सिंह एवं पार्टनर की अवैध रूप से अर्जित 13.6 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जाएगी।
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जमीन और गोल्ड में निवेश के साथ ही टूर पैकेज के नाम पर करोड़ों रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के आरोपी नीलगिरी इंफ्रॉसिटी कंपनी के एमडी, सीएमडी समेत तीन लोगों पर वाराणसी पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नीलगिरी इंफ्रॉसिटी के सीएमडी विकास सिंह, एमडी पत्नी ऋतु सिंह एवं पार्टनर पलाश मिश्रा और प्रदीप यादव की अवैध रूप से अर्जित 13.6 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जाएगी।
दो लग्जरी कार (जगुआर) समेत अन्य वाहन, शहर के बीचों-बीच स्थित बेशकीमती भूखंड और आलीशान भवन को जब्त करने के लिए चिन्हित कर लिया गया है। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के मुताबिक गैंगस्टर एक्ट 14(1) के तहत कार्रवाई की जा रही है। चंदौली और वाराणसी डीएम को जब्तीकरण आदेश की कॉपी भेज दी गई है। मामले में पुलिस परत दर परत खोल रही है।
चौकाघाट जेल में बंद हैं आरोपी
जमीन और टूर पैकेज सहित कई लुभावने आफर देकर निवेशकों से करोड़ों की ठगी के आरोप में सीएमडी विकास सिंह, पत्नी एमडी ऋतु सिंह, डायरेक्टर प्रदीप यादव और पलास 31 अगस्त 2021 से ही चौकाघाट जिला जेल में बंद है।
महमूरगंज निवासी विकास सिंह और उसकी पत्नी ऋतु सिंह ने नीलगिरी इंफ्रासिटी के जरिए पूर्वांचल सहित बिहार, झारखंड, कोलकाता, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में निवेशकों से संपर्क कर और उन्हें लुभावने स्कीम दिखाकर जमीन, गोल्ड, टूर पैकेज आदि में निवेश कराया।
इसके बाद निवेशकों ने अपने को ठगा मानकर सीएमडी विकास सिंह और कंपनी में एमडी उसकी पत्नी ऋतु सिंह सहित अन्य कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। आरोप है कि मलदहिया के इंडियन प्रेस कालोनी स्थित कार्यालय में बुलाकर निवेशकों संग मारपीट और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी।
रामापुरा निवासी प्रबंधक प्रदीप यादव और विशेश्वरगंज निवासी पलास ने भी निवेशकों संग कंपनी के नाम पर धोखाधड़ी की थी। चेतगंज थाना में नीलगिरी के खिलाफ 70 से अधिक मुकदमा दर्ज करने का रिकॉर्ड भी है।