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एनएच के पेच में फंसी पेयजल योजना
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 19 Jun 2016 02:03 AM IST
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वरुणा पार में निर्माणाधीन 268 करोड़ की पेयजल परियोजना की राह में फिर एक बड़ी बाधा आ गई है। पहले सारनाथ में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्लूटीपी) के निर्माण पर गतिरोध था, अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पेच फंसा दिया है। इसके चलते डुबकिया से संदहा तक करीब 10 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने का रुक गया है। जल्द काम शुरू न कराया गया तो उससे योजना की लागत तो बढ़ेगी ही, समय पर काम पूरा कराना भी मुमकिननहीं हो पाएगा।
डब्लूटीपी के लिए गाजीपुर रोड पर चंद्रावती से सारनाथ तक करीब 17 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी है। चंद्रावती से डुबकिया के समीप तक पाइप बिछाई जा चुकी है लेकिन साल भर से काम इसके आगे नहीं बढ़ पा रहा है। दरअसल, वाराणसी से चंद्रावती, डुबकिया होते हुए गोरखपुर तक एनएच-29 को फोर लेन बनाया जाना है। लेकिन, एनएचएआई अब तक सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए किसानों की भूमि का अधिग्रहण नहीं कर सका है। ऐसे में किसानों का कहना है कि पहले उन्हें मुआवजा मिले, उसके बाद पाइप लाइन बिछाई जाए।
दूसरे, जो मौजूदा सड़क है, उसके किनारे एनएचएआई पाइप लाइन बिछाने देने के पक्ष में नहीं है। उसका कहना है कि सड़क की चौड़ाई बढ़ने पर पाइप लाइन बीच में आ जाएगी। ऐसे में दिक्कत होगी। साल भर से सड़क किनारे पाइपें पड़ी हुई हैं और जल निगम इस इंतजार में है कि किसानों को मुआवजा मिले और उसके बाद काम शुरू हो।
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बता दें कि वरुणापार की तकरीबन पांच लाख आबादी को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए 268 करोड़ रुपये की लागत से सारनाथ में 200 एमएलडी क्षमता का डब्ल्यूटीपी, पेयजल पाइप लाइन, ओवरहेड टैंक का निर्माण होना है। इस परियोजना पर जल निगम अब तक 186 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है, फिर भी योजना रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।
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डब्लूटीपी के लिए गाजीपुर रोड पर चंद्रावती से सारनाथ तक करीब 17 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी है। चंद्रावती से डुबकिया के समीप तक पाइप बिछाई जा चुकी है लेकिन साल भर से काम इसके आगे नहीं बढ़ पा रहा है। दरअसल, वाराणसी से चंद्रावती, डुबकिया होते हुए गोरखपुर तक एनएच-29 को फोर लेन बनाया जाना है। लेकिन, एनएचएआई अब तक सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए किसानों की भूमि का अधिग्रहण नहीं कर सका है। ऐसे में किसानों का कहना है कि पहले उन्हें मुआवजा मिले, उसके बाद पाइप लाइन बिछाई जाए।
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दूसरे, जो मौजूदा सड़क है, उसके किनारे एनएचएआई पाइप लाइन बिछाने देने के पक्ष में नहीं है। उसका कहना है कि सड़क की चौड़ाई बढ़ने पर पाइप लाइन बीच में आ जाएगी। ऐसे में दिक्कत होगी। साल भर से सड़क किनारे पाइपें पड़ी हुई हैं और जल निगम इस इंतजार में है कि किसानों को मुआवजा मिले और उसके बाद काम शुरू हो।
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बता दें कि वरुणापार की तकरीबन पांच लाख आबादी को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए 268 करोड़ रुपये की लागत से सारनाथ में 200 एमएलडी क्षमता का डब्ल्यूटीपी, पेयजल पाइप लाइन, ओवरहेड टैंक का निर्माण होना है। इस परियोजना पर जल निगम अब तक 186 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है, फिर भी योजना रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।