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योगी 2.0: मंत्रिमंडल से पूर्वांचल की जातीय सियासत को साधने की होगी कवायद, काशी क्षेत्र से 10 से ज्यादा विधायक बनेंगे मंत्री

Fri, 25 Mar 2022 09:43 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 25 Mar 2022 09:43 AM IST
सार

पार्टी के राजभर चेहरे के रूप में उभरे अनिल राजभर को दोबारा कैबिनेट मंत्री बनने की प्रबल संभावना है। डॉ. नीलकंठ तिवारी के साथ ही स्टांप मंत्री रहे रविंद्र जायसवाल को भी संगठन से हरी झंडी है।

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New Yogi cabinet handle the caste politics of Purvanchal from
योगी आदित्यनाथ - फोटो : SELF

विस्तार

तमाम मिथक और रिकार्ड तोड़कर दोबारा सत्ता में आई प्रदेश की योगी सरकार के शुक्रवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर पूर्वांचल की खास निगाह टिकी है। कई सीटों के नुकसान के बाद अब यहां सरकार मंत्रिमंडल के जरिए पूर्वांचल की जातीय सियासत को भी साधने की पूरी कोशिश करेगी। फिलहाल पूर्वांचल के 10 जिलों से दस से ज्यादा विधायकों के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ शपथ लेने की उम्मीद है।

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इसमें वाराणसी के चार विधायकों में दो को कैबिनेट, एक स्वतंत्र प्रभार और एक राज्यमंत्री का तोहफा मिल सकता है। विधायक दल का नेता चुनने के लिए बृहस्पतिवार की सुबह ही लखनऊ पहुंचे विधायकों की रात प्रदेश सरकार के सुपर-48 में जगह पाने की उम्मीद में बीती है।

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सबका विकास और सबका विश्वास का संदेश देने की कोशिश

फिलहाल पूर्वांचल से ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार, पटेल, राजभर, बिंद, अनुसूचित जाति और जनजाति के विधायकों को मंत्री बनाकर बड़े मतदाता वर्ग को सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास का संदेश देने की कोशिश होगी। ब्राह्मण चेहरे में वाराणसी के डा. नीलकंठ तिवारी, मिर्जापुर के रत्नाकर मिश्र, सहयोगी दल निषाद पार्टी के ज्ञानपुर विधायक विपुल दूबे मंत्री बनने की दौड़ में है।

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यहां पार्टी की पसंद डॉ. नीलकंठ तिवारी हैं, जबकि रत्नाकर मिश्र संगठन के जरिए अपनी जगह बनाने में जुटे रहेंगे। राजपूत चेहरे के रूप में बलिया सदर के विधायक दयाशंकर सिंह और सैयदराजा विधायक सुशील सिंह सबसे आगे हैं। इसके अलावा बलिया की बांसडीह से केतकी सिंह की भी उम्मीद हैं।

इसके अलावा पटेल प्रतिनिधित्व के रूप में मिर्जापुर मे रमाशंकर पटेल के साथ ही सेवापुरी विधायक नीलरतन पटेल और रोहनिया के डॉ. सुनील पटेल प्रतिस्पर्धा में हैं। सहयोगी दल अपना दल एस कोटे से सुनील पटेल को मौका भी मिल सकता है। अनुसूचित जाति व जनजाति की सहभागिता में वाराणसी के अजगरा से विधायक टी राम, औराई से दीनानाथ भास्कर, दुद्धी से रामदुलार और ओबरा के संजीव कुमार के बीच प्रतिस्पर्धा है।

वाराणसी को मिलेगी अहम जगह

पार्टी के राजभर चेहरे के रूप में उभरे अनिल राजभर को दोबारा कैबिनेट मंत्री बनने की प्रबल संभावना है। डॉ. नीलकंठ तिवारी के साथ ही स्टांप मंत्री रहे रविंद्र जायसवाल को भी संगठन से हरी झंडी है। संघ पृष्ठभूमि से जुड़े दूसरी बार बड़ी जीत के साथ विधानसभा पहुंचे सौरभ श्रीवास्तव को भी राज्यमंत्री बनाया जा सकता है। पूर्व मंत्री और पथरदेवा से विधायक सूर्य प्रताप शाही की भूमिका बदलने की चर्चाओं के बीच पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह पार्टी के नए भूमिहार चेहरा हो सकते हैं।

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