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वाराणसी की निराली होलीः मुस्लिम समुदाय इत्र व फूल से करता है होली बरात का स्वागत, 50 वर्ष से निभाई जा रही परंपरा 

Thu, 17 Mar 2022 07:00 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 17 Mar 2022 07:00 PM IST
सार

बरात में एक हजार से अधिक लोग शामिल होंगे। जीवधिपुर क्षेत्र में 1972 से यह बरात निकलती आ रही है। इस बार आयोजन को 50 साल पूरे हो रहे हैं।
 

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Muslim community welcomes Holi procession with perfume and flowers, a tradition being played in Varanasi for 50 years
वाराणसी में होली। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी की होली, होलिका और होली बरात का अलग ही अंदाज है। भेलूपुर के जीवधिपुर से निकलने वाली होली बरात भी अपने आप में बेहद अनोखी है। जब बरात मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र बजरडीहा में प्रवेश करती है तो यहां पर मुस्लिम समुदाय फूल और इत्र से बरातियों का स्वागत करता है। 

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होली बरात आयोजन समिति के संरक्षक डॉ. सुनील मिश्र ने बताया कि होली के दिन शुक्रवार को जीवधिपुर से बरात निकलेगी। इसके बाद शंकुलधारा, किरहिया, बजरडीहा से होते हुए देवपोखरी स्थित हनुमान मंदिर में समाप्त होगी। बरात में एक हजार से अधिक लोग शामिल होंगे।
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जीवधिपुर क्षेत्र में 1972 से यह बरात निकलती आ रही है। इस बार आयोजन को 50 साल पूरे हो रहे हैं और दूसरी पीढ़ी ने स्वत: पूरे होली बरात के आयोजन की जिम्मेदारी उठा ली है।  इस बरात का प्रारंभ जीवधिपुर क्षेत्र के निवासी मेवा सरदार द्वारा किया गया। जिसमें स्व. राजेंद्र उपाध्याय, स्व. अंतदेव, स्व. शीतल चौहान, बाबूलाल प्रजापति, सहित अन्य गणमान्य लोगों ने अपने सामाजिक योगदानों द्वारा मजबूती प्रदान की। 
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आकर्षण का केंद्र है राम दरबार

बरात के संयोजन की जिम्मेदारी जीऊत यादव, चंदन चौहान, ज्वाला चौहान, प्रकाश वर्मा, शंकर यादव, सिंकू पांडेय, अनूप जायसवाल, डॉ. मनोज प्रजापति उठा रहे हैं। बिना किसी बडे़ आर्थिक सहयोग के भी यह बरात पिछले 50 वर्षों से सामाजिक सद्भाव का संदेश दे रही है। 

संरक्षक डॉ. मिश्र ने बताया कि मैं 2003 से 2007 तक इस बरात कमेटी का अध्यक्ष रहा। उस दौरान के अनेक सामाजिक अनुभव मुझे समाज की शक्ति का अहसास कराते हैं। समाजशास्त्री दुर्खीम ने कहा था, समाज ही देवता है तो यह कथन यहां के निवासियों के लिए शत-प्रतिशत सत्य प्रतीत होता है। पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न प्रकार की झांकियां व राम दरबार का आयोजन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

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