बचपन के प्यार का कत्ल: देवांश की मां ने हत्यारी BHU छात्रा को दी बद्दुआएं, कहा- इसी जन्म में अंजाम भुगतोगी
फर्रुखाबाद निवासी देवांश की पूर्व प्रेमिका कानपुर निवासी बीएचयू छात्रा अनुष्का तिवारी, उसके नए प्रेमी और उसके मित्र को पुलिस ने जेल भेज दिया है। वाराणसी पहुंची देवांश की मां सीमा का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बीएचयू की छात्रा अनुष्का ने नए प्रेमी के साथ मिलकर अपने पुराने ब्वायफ्रेंड फर्रुखाबाद निवासी देवांश यादव को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इस हत्याकांड का खुलासा रविवार को वाराणसी पुलिस ने किया। इस हत्याकांड में देवांश की पूर्व प्रेमिका कानपुर निवासी बीएचयू छात्रा अनुष्का तिवारी और उसके नए प्रेमी और उसके मित्र को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
वाराणसी पहुंचीं देवांश की मां सीमा का रो-रोकर बुरा हाल है। सोमवार को एक वीडियो सामने आया जिसमें वो पुलिस जीप में बैठी देवांश की प्रेमिका अनुष्का से लगातार यही सवाल कर रहीं थीं कि तुमने मेरे बेटे के साथ ऐसा क्यों किया। तुमने कहा था मेरे बेटे से सच्चा प्यार करती हो फिर उसकी जान क्यों ले ली।
पुलिस पर सहयोग न करने और दुर्व्यवहार का आरोप
इसके साथ ही बद्दुआएं देते हुए कहा कि इस पाप का तुम इसी जन्म में अंजाम भुगतोगी। दर-दर की भटकोगी। इसके बाद रोते-बिलखते और करीब-करीब बेसुध हालत में देवांश की मां ने इस प्रकरण में पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हम बेटे की तलाश में बनारस में दर-दर भटकते रहे लेकिन चौकी इंचार्ज के अलावा किसी ने मदद नहीं की। किसी ने हमारी गुहार नहीं सुनी। भेलूपुर थाने की पुलिस पर सहयोग न करने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
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कहा कि युवा फाउंडेशन की सीमा चौधरी ने बनारस से लखनऊ तक हमारे बेटे के लिए बहुत भागदौड़ की। कहा कि हम लोग कितने बदनसीब हैं कि अपने इकलौते बेटे का न शव देख सके और न उसकी अंत्येष्टि कर सके। देवांश और अनुष्का तिवारी कानपुर में कक्षा छह से नौ तक कानपुर में साथ पढ़े थे। उसी दौरान की दोस्ती बाद में प्यार में बदल गई। पढ़ाई के लिए वो बनारस आई तो उसे जौनपुर निवासी राहुल से प्यार हो गया। इस त्रिकोणीय प्रेम कहानी में ही देवांश की हत्या हुई।
किसी फिल्म से कम नहीं इस हत्याकांड की कहानी
चंदौली जिले के सिंघी ताली पुलिया के पास 27 मई को एक और युवक की लाश मिली थी। इसकी गुत्थी सुलझाने में पुलिस को एक महीने लग गया। युवक की हत्या क्यों हुई थी, किसने की थी, कहां हुई थी, कैसे हुई थी और वजह क्या थी। यह बेहद चौंकाने वाला रहा। युवक की शिनाख्त फर्रुखाबाद के देवांश यादव (22) के रूप में हुई। बचपन की प्रेमिका और बीएचयू की छात्रा अनुष्का तिवारी (21) निवासी कानपुर ने ही जौनपुर निवासी प्रेमी और उसके दोस्त सादाब के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। बचपन के प्यार को देवांश बहुत चाहता था, लेकिन अनुष्का उसे पसंद नहीं करती थी। बार-बार मना करने के बाद भी वह उसे परेशान करता था और प्यार करने और मिलने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। इससे आजिज आकर अनुष्का तिवारी ने बनारस बुलाकर उसकी हत्या कर दी।
गिट्टी पर पटका और पेचकस घोंपा
पुलिस को अनुष्का ने बताया कि 26 मई को वह कार लेकर अस्सी पुलिया के पास देवांश से मिली। कार को राहुल का दोस्त सादाब आलम चला रहा था। कार के पीछे स्कूटी लेकर राहुल चल रहा था। रास्ते में देवांश को अपने प्यार का वास्ता देकर जूस में नींद की गोली मिलाकर पिला दी। देवांश बेहोश हो गया तो कार से उसे चंदौली जिले के सिंघी ताली पुलिया के आगे ले जाया गया। रास्ते में टोल प्लाजा के कैमरे में न आने के लिए लिंक मार्ग का इस्तेमाल किया गया। सिंघी ताली पुलिया के आगे सुनसान स्थान देख कर कार रोकी गई।
कार से देवांश को नीचे उतार कर राहुल और सादाब ने उसे गिट्टी के ढेर पर पटक-पटक कर मारा। इसके बाद राहुल ने देवांश के गले और सीने पर पेचकस से ताबड़तोड़ कई वार किए। फिर, गुस्से में ही पिस्टल से अंधेरे में फायरिंग भी की। इसके बाद राहुल ने देवांश का मोबाइल और पिस्टल बिहार की ओर जा रहे अलग-अलग ट्रकों में फेंक दिया। रात डेढ़ बजे सभी वापस लौट कर फिर देखने गए कि देवांश की मौत हो गई है या वह जिंदा है। 27 मई को अनुष्का और राहुल घूमने निकल गए। जब उन्हें लगा कि अब मामला पूरी तरह से शांत हो गया है तो वह वापस बनारस आ गए।
अनुष्का क्यों बनी बेवफा
पुलिस की पूछताछ में अनुष्का ने बताया कि वह और देवांश कक्षा छह से नौ तक कानपुर में साथ पढ़े थे। उसी दौरान की दोस्ती बाद में प्यार में बदल गई। पढ़ाई के लिए बनारस आने के बाद भी वह और देवांश लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। अनुष्का ने बताया कि सालभर से ज्यादा समय पहले ऑनलाइन मार्केटिंग के कामकाज के दौरान ही उसकी जान-पहचान राहुल से हुई। राहुल अपने बड़े भाई के स्क्रैप के कारोबार में हाथ बंटाता था। इसके अलावा वह मुंबई में ऑनलाइन मार्केटिंग का काम भी बड़े पैमाने पर करता था। पैसे वाला राहुल उस पर जी खोल कर खर्च करता था।
इस वजह से वह उसे पसंद करने लगी और देवांश से दूरी बना ली थी। देवांश को इसकी जानकारी हुई तो वह आपत्ति जताने लगा और राहुल से दूर रहने के लिए कहने लगा। इसे लेकर देवांश से उसका झगड़ा भी हुआ था। देवांश की बेवजह की आपत्ति से परेशान होकर उससे छुटकारा पाने के लिए उसने राहुल से कहा। इस पर राहुल ने कहा कि वह अपने दोस्त की मदद से देवांश का काम तमाम कर देगा, उसे बनारस बुलाओ। राहुल के कहने पर ही वह देवांश को व्हाट्स एप कॉल कर बुलाई तो वह 25 मई को वाराणसी आया।