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मुख्तार अंसारी के नाम पर मांगा गुंडा टैक्स, करोड़ों की जमीन पर किया कब्जा
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बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के नाम पर 50 लाख का गुंडा टैक्स मांगने और जबरन जमीन कब्जा करने का प्रकरण सामने आया है। प्रकरण को लेकर रविवार को रेवड़ी तालाब निवासी मोहम्मद आरिफ की तहरीर के आधार पर मुख्तार के चचेरे भाई मंसूर अंसारी, गनेशपुर सुसुवाही के विक्रम ब्रिज, अगस्तकुंडा के आशीष गुप्ता, नई दिल्ली के न्यू रंजीत नगर वेस्ट पटेल नगर के जावेद मकसूद खान व शबनम ब्रिज, कोमल ब्रिज, अफजाल और एक अज्ञात के खिलाफ रंगदारी मांगने, धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू की है।
आरिफ के अनुसार उसके पिता ने वर्ष 1962 में मौजा जोल्हा परगना देहात अमानत में एक बीघा जमीन खरीदी थी। पिता की मौत के बाद वह जमीन आरिफ और उसके दो अन्य भाईयों के नाम दर्ज हो गई। वर्ष 2016 में मुख्तार अंसारी से जुड़े लोगों की नजर उस जमीन पर पड़ गई तो वह बेचने का दबाव बनाने लगे। मुख्तार के लोगों के दबाव में आकर उनके कहने पर वह और उसका भाई एक-एक करोड़ रुपये में जमीन बेचने के लिए तैयार हो गए।
सात अक्तूबर 2016 को मुख्तार के लोग उसे और उसके भाई को घर से जबरन कचहरी ले आए और पहले से तैयार कागजात पर दस्तखत कराने लगे। आरिफ ने बताया कि जब उसने और उसके भाई ने पूर्व निर्धारित रकम देने को कहा तो सभी ने मुख्तार अंसारी के नाम की धमकी देकर जान जाने की बात कही। इसके बाद आरिफ और उसके भाईयों को 22 लाख 50 हजार के दो चेक दिए गए। चेक को बैंक में जमा किया गया तो वह बाउंस कर गए। काफी भागदौड़ करने के बाद सभी ने सात मार्च 2017 को फिर चेक दिया। फिर चेक बाउंस हो गए तो पैसा मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
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13 जनवरी 2021 को वह सदर तहसील से घर की ओर जा रहा था। उसी दौरान उसे विक्रम ब्रिज, अफजाल और दो अन्य ने पिस्टल सटा कर मुख्तार के नाम से 50 लाख रुपये का गुंडा टैक्स मांगा। इसके साथ ही सभी ने जमीन और बकाया पैसा भूल जाने की धमकी दी। इस घटना से वह और उसका पूरा परिवार परिवार भयभीत है। इस संबंध में इंस्पेक्टर शिवपुर राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी।
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आरिफ के अनुसार उसके पिता ने वर्ष 1962 में मौजा जोल्हा परगना देहात अमानत में एक बीघा जमीन खरीदी थी। पिता की मौत के बाद वह जमीन आरिफ और उसके दो अन्य भाईयों के नाम दर्ज हो गई। वर्ष 2016 में मुख्तार अंसारी से जुड़े लोगों की नजर उस जमीन पर पड़ गई तो वह बेचने का दबाव बनाने लगे। मुख्तार के लोगों के दबाव में आकर उनके कहने पर वह और उसका भाई एक-एक करोड़ रुपये में जमीन बेचने के लिए तैयार हो गए।
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सात अक्तूबर 2016 को मुख्तार के लोग उसे और उसके भाई को घर से जबरन कचहरी ले आए और पहले से तैयार कागजात पर दस्तखत कराने लगे। आरिफ ने बताया कि जब उसने और उसके भाई ने पूर्व निर्धारित रकम देने को कहा तो सभी ने मुख्तार अंसारी के नाम की धमकी देकर जान जाने की बात कही। इसके बाद आरिफ और उसके भाईयों को 22 लाख 50 हजार के दो चेक दिए गए। चेक को बैंक में जमा किया गया तो वह बाउंस कर गए। काफी भागदौड़ करने के बाद सभी ने सात मार्च 2017 को फिर चेक दिया। फिर चेक बाउंस हो गए तो पैसा मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
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13 जनवरी 2021 को वह सदर तहसील से घर की ओर जा रहा था। उसी दौरान उसे विक्रम ब्रिज, अफजाल और दो अन्य ने पिस्टल सटा कर मुख्तार के नाम से 50 लाख रुपये का गुंडा टैक्स मांगा। इसके साथ ही सभी ने जमीन और बकाया पैसा भूल जाने की धमकी दी। इस घटना से वह और उसका पूरा परिवार परिवार भयभीत है। इस संबंध में इंस्पेक्टर शिवपुर राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी।