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Varanasi News: बीएचयू में नौ हजार से अधिक थीसिस ऑनलाइन, कहीं से भी देख सकेंगे
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बीएचयू में नौ हजार से अधिक थीसिस ऑनलाइन, कहीं से भी देख सकेंगे
- केंद्रीय पुस्तकालय की इस पहल से थीसिस चोरी होने पर लगेगा अंकुश
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू में शोध करने वाले विद्यार्थियों की थीसिस को ऑनलाइन किया जा रहा है। इससे जहां थीसिस चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा, वहीं कोई भी इस थीसिस के बारे में जानकारी ले सकेगा। अब तक केंद्रीय पुस्तकालय की ओर से 9 हजार से अधिक थीसिस को ऑनलाइन किया जा चुका है।
विश्वविद्यालय के संकायों, विभागों में अलग-अलग विषयों पर शोधकार्य करने वाले विद्यार्थी जो थीसिस तैयार करते हैं, उसके शोध निर्देशक सहित अन्य संबंधित लोगों से जांच के बाद जब डिग्री अवाॅर्ड के लिए भेजी जाती है तो उसकी एक प्रति पुस्तकालय में भी जमा होती है। आम तौर पर शिक्षण संस्थानों में होने वाले शोध की थीसिस की चोरी की शिकायत सामने आती रहती है। इसे देखते हुए ही यूजीसी की ओर से थीसिस को ऑनलाइन अपलोड करवाने का निर्देश दिए गए थे।
बीएचयू केंद्रीय पुस्तकालय की ओर से इसी पहल के तहत हार्डकॉपी जमा करवाए जाने के साथ ही शोधार्थियों से उसकी सॉफ्ट कॉपी भी जमा करने को कहा गया है। पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. डीके सिंह का कहना है कि अब तक 9 हजार से अधिक थीसिस ऑनलाइन अपलोड हो चुकी है। अभी प्रक्रिया चल भी रही है। जैसे-जैसे थीसिस आ रही है, उन्हें अपलोड किया जा रहा है। सभी शोध छात्रों की ओर से फाइनल थीसिस की जो एक प्रति पुस्तकालय में दी जाती है, उसकी साॅफ्ट कॉपी जमा करने को भी कहा गया है। इससे निश्चित तौर पर चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। लोगों को शोध कार्यों के बारे में भी जानकारी मिल सकेगी।
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- केंद्रीय पुस्तकालय की इस पहल से थीसिस चोरी होने पर लगेगा अंकुश
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू में शोध करने वाले विद्यार्थियों की थीसिस को ऑनलाइन किया जा रहा है। इससे जहां थीसिस चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा, वहीं कोई भी इस थीसिस के बारे में जानकारी ले सकेगा। अब तक केंद्रीय पुस्तकालय की ओर से 9 हजार से अधिक थीसिस को ऑनलाइन किया जा चुका है।
विश्वविद्यालय के संकायों, विभागों में अलग-अलग विषयों पर शोधकार्य करने वाले विद्यार्थी जो थीसिस तैयार करते हैं, उसके शोध निर्देशक सहित अन्य संबंधित लोगों से जांच के बाद जब डिग्री अवाॅर्ड के लिए भेजी जाती है तो उसकी एक प्रति पुस्तकालय में भी जमा होती है। आम तौर पर शिक्षण संस्थानों में होने वाले शोध की थीसिस की चोरी की शिकायत सामने आती रहती है। इसे देखते हुए ही यूजीसी की ओर से थीसिस को ऑनलाइन अपलोड करवाने का निर्देश दिए गए थे।
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बीएचयू केंद्रीय पुस्तकालय की ओर से इसी पहल के तहत हार्डकॉपी जमा करवाए जाने के साथ ही शोधार्थियों से उसकी सॉफ्ट कॉपी भी जमा करने को कहा गया है। पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. डीके सिंह का कहना है कि अब तक 9 हजार से अधिक थीसिस ऑनलाइन अपलोड हो चुकी है। अभी प्रक्रिया चल भी रही है। जैसे-जैसे थीसिस आ रही है, उन्हें अपलोड किया जा रहा है। सभी शोध छात्रों की ओर से फाइनल थीसिस की जो एक प्रति पुस्तकालय में दी जाती है, उसकी साॅफ्ट कॉपी जमा करने को भी कहा गया है। इससे निश्चित तौर पर चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। लोगों को शोध कार्यों के बारे में भी जानकारी मिल सकेगी।
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