Monkeypox Virus: वाराणसी में स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी, संक्रमित देशों से आने वाले लोगों की बनेगी रिपोर्ट
कोरोना संक्रमण अभी दुनिया से खत्म भी नहीं हुआ कि मंकीपॉक्स नाम की एक नई बीमारी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है।
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कोरोना संक्रमण का कहर अभी दुनिया से खत्म भी नहीं हुआ कि मंकीपॉक्स नाम की एक नई बीमारी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। इसके माध्यम से लोगों से सजग और सतर्क रहने को कहा गया है।
वाराणसी सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने आईएमए और नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ ही प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को एडवाइजरी जारी कर इस तरह के किसी भी संक्रमण के बारे में रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
इसमें पिछले 21 दिन में मंकीपॉक्स के संक्रमण मिलने वाले देश से यात्रा कर लौटने वालों की निगरानी करने के साथ ही उन्हें इससे बचाव के उपाय बताने के बारे में कहा गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक प्रोफार्मा भी दिया गया है। सीएमओ ने बताया कि मकीपॉक्स जानवरों से मानवों में अथवा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।
भारत में अभी तक एक भी मामला नहीं
उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर भारत में अभी तक मंकीपॉक्स बीमारी का कोई पुष्ट रोगी सूचित नहीं हुआ है लेकिन इस बीमारी के वैश्विक महामारी क्षमता एवं गंभीरता को देखते हुये पूर्व तैयारी, सजगता, सर्विलांस आदि बेहद आवश्यक है। जिन जगहों पर यह संक्रमण मिला भी है वहां भी संख्या अधिक नहीं है।
मंकीपॉक्स के लक्षण
मंकी पॉक्स के लक्षण चेचक के संक्रमण से मिलते जुलते हैं। अधिकांश मामलों में लक्षण बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना और थकावट आदि दिखते हैं। शरीर पर दाने दिखाई देते हैं। यह वायरस कटी-फटी त्वचा (भले ही दिखाई न दे), श्वसन नली या म्यूकोसा (आंख, नाक या मुंह) के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। एडिशनल सीएमओ डॉ.एसएस कन्नौजिया ने बताया कि मंकीपॉक्स चेचक की तुलना में कम संक्रामक है। इसके कारण होने वाला रोग भी चेचक रोग की तुलना में कम गंभीर होता है।