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वाराणसीः संकट मोचन मंदिर को मिली धमकी वाली चिट्ठी पर लिखा मोबाइल नंबर बिहार का

Thu, 06 Dec 2018 01:19 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 06 Dec 2018 01:19 PM IST
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Mobile number of bihar write in threatened letter got sankat mochan temple
संकट मोचन मंदिर - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में 2006 से बड़ा धमाका करने की धमकी वाली चिट्ठी में दर्ज मोबाइल नंबर बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया में इस्तेमाल किया जा रहा है। सर्विलांस से तस्दीक होने पर बुधवार को पुलिस की दो टीमें पश्चिमी चंपारण और सीवान जिले में रवाना की गई है।
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वहीं, इस प्रकरण की जांच जिला पुलिस और क्राइम ब्रांच के अलावा एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने भी शुरू कर दी है। धमकी भरी चिट्ठी 22 नवंबर को राजस्थान से साधारण डाक से भेजी गई थी और तीन दिसंबर की शाम मंदिर के महंत  प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र को मिली। चिट्ठी में लिखे नाम जमादार मियां और अशोक यादव की तस्दीक नहीं हो पाई है।
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चिट्ठी में टूटी-फूटी हिंदी में लिखा है कि हम लोग पहले भी धमाका किए थे और अब उसे बड़ा करेंगे। चिट्ठी में मोबाइल नंबर के अलावा शहाबुद्दीन, रायफल और एके 47 का जिक्र किया गया है। चिट्ठी में लिखे जमादार और अशोक के नाम के आधार पर मंगलवार को लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
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धमकी के मद्देनजर बुधवार को बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड, एंटी सेबोटोज टीम के साथ एटीएस की टीम ने मंदिर परिसर का चप्पा-चप्पा खंगाला। मंदिर की बाह्य सुरक्षा के लिए आठ एसआई, 16 कांस्टेबल और चार महिला आरक्षी के अलावा एलआईयू को तैनात किया गया है। इसके अलावा मंदिर की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन शिफ्ट में तैनात होने वाले 54 सिक्योरिटी गार्ड और चार डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर हैं।

सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन एसपी सुरक्षा से कराएं

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sankat mochan mandir - फोटो : अमर उजाला
एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री ने एसएसपी को निर्देश दिया है कि जिले के प्रमुख मंदिरों, गंगा घाटों और पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन एसपी ज्ञानवापी सुरक्षा से कराएं। मूल्यांकन में जो खामियां सामने आएं उन्हें दुरुस्त कराया जाए। ऐसे महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मी यदि लापरवाही करते मिलें तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

इसी क्रम में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि चिट्ठी मिलने के बाद प्रमुख गंगा घाटों और काशी विश्वनाथ मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थल की निगरानी बढ़ा दी गई है। ऐसे सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड से तलाशी कराई गई।

वहीं मंदिर को बम से उड़ाए जाने की धमकी का प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। पीएमओ और सीएमओ से एसएसपी को कहा गया है कि काशी के महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और अभिसूचना संकलन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

उधर, संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों ने मंदिर में सतर्कता बढ़ा दी है। मंदिर प्रशासन की ओर से तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स भी मुस्तैदी के साथ तैनात है और सीसी कैमरे की मदद से प्रत्येक आने-जाने वाले की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

गंगा घाटों और पर्यटन स्थलों की सुरक्षा पर पुलिस संजीदा नहीं

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वाराणसी जिले के महत्वपूर्ण मंदिरों, गंगा घाटों और पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस का रवैया लापरवाही का रहता आया है। इसके चलते बीते वर्षों में काशी को पांच बार आतंकी हमले का दंश झेलना पड़ा। इसके बावजूद शहर के महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाले स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई जा सकी।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से अतिसंवेदनशील काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के रेड जोन में यदि कोई खाकी वर्दी पहन कर जाता है तो उसकी चेकिंग तो दूर उससे पूछताछ करने की जहमत भी सुरक्षाकर्मी नहीं उठाते। शरारती तत्व कभी भी इसका फायदा उठा सकते हैं। मंदिर की सफाई व्यवस्था में लगे कर्मी मोबाइल लेकर रेड जोन में घूमते रहते हैं।

दर्शन-पूजन कराने के दौरान पंडा भी सुरक्षा व्यवस्था को धता बता देते हैं। वहीं, विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए चल रहे ध्वस्तीकरण कार्य के कारण रेड जोन की सुरक्षा व्यवस्था आसानी से सड़क से दिखाई दे जाती है।

विश्वनाथ मंदिर के कई सीसी कैमरे खराब हैं। तुलसी मानस मंदिर, दुर्गा कुंड स्थित दुर्गा मंदिर, बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर और सारनाथ स्थित पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस आमतौर पर संजीदा नहीं रहती है।  
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