यूपी: विधायक विजय मिश्र पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुत्री ने सीएम से की सीबीआई जांच की मांग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद के ज्ञानपुर से बाहुबली विधायक विजय मिश्र रिश्तेदार से संपत्ति विवाद में जेल में बंद हैं। विधायक पर सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने के बाद सोमवार को उनकी पुत्री और हाईकोर्ट की अधिवक्ता रीमा पांडेय पिता के बचाव में उतर गईं हैं।
पिछले लगभग तीन महीनों के दौरान दर्ज मुकदमों को निराधार बताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से सभी मामलों की सीबीआई जांच कराने की मांग की। कहा कि ढंग से जांच हो जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
गोपीगंज पड़ाव स्थित एक रिश्तेदार के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी जिस फर्म को हड़पने का आरोप लगाते हैं, दरअसल वह उसके तनहा मालिक नहीं हैं, उसमें वह साझेदार हैं। फर्म में 40 फीसदी के हिस्सेदार कृष्ण मोहन, 40 फीसदी की मालकिन मेरी मां रामलली मिश्रा और 20 फीसदी के हिस्सेदार अशोक शुक्ला हैं।
आरोप लगाया कि रिश्तेदार होने के नाते उन्होंने धोखा किया और फर्म के पैसे से समस्त वाहनों को अपने नाम से करा लिया। कहा कि कृष्णमोहन तिवारी की बहन, जो मेरी भाभी हैं, उनकी सहमति पर मेरा पूरा परिवार कौलापुर-धनापुर आवास पर रहता था, लेकिन रहने का मतलब यह नहीं था कि हमारा परिवार उनकी जमीन को हड़पना चाहता हो।
चौंकाने वाली बात यह रही कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही मेरा पूरा परिवार अपने कुछ सामान, गाय को छोड़कर वहां से हट गया है, लेकिन कुर्की के दौरान एक गंभीर मुकदमा और लगवाने की फिराक में हमारे रिश्तेदार हैं। कुर्की के दौरान कोई अवैध असलहा, नशीला पदार्थ या अन्य आपत्तिजनक सामान वहां मिले तो उसकी जिम्मेदारी विपक्षियों की होगी। इस संबंध में अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजा जा चुका है।
रीमा पांडेय ने कहा कि योजना के तहत पिता और भाई के ऊपर विपक्षी मुकदमा दर्ज करवा रहे हैं। रविवार को एक गायिका की ओर से विधायक पर दर्ज करवाए गए दुष्कर्म के मामले में कहा कि गायिका पहले भी पैसे लेकर कई लोगों पर इस प्रकार का गंभीर आरोप लगा चुकी है। निश्चित ही उसे पैसे देकर पिता और भाई के खिलाफ उकसाया गया है। समय आने पर इसका प्रमाण भी कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा। विपक्षियों की निगाह विधायकी, जिला पंचायत और प्रमुखी की कुर्सी पर लगी है, इसलिए वे चाहते हैं कि मेरे पिता आजीवन कारावास में रहें।