गाजीपुर नूरपुर कांड: प्रभारी मंत्री ने सुना पुलिस बर्बरता के शिकार पीड़ित सैनिक परिवार का दर्द, ग्रामीणों ने मंत्री का रोका रास्ता
प्रदेश के संसदीय कार्य राज्यमंत्री एवं गाजीपुर जिले के प्रभारी मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला रविवार को नूरपुर गांव में पुलिस बर्बरता के शिकार पीड़ित सैनिक के परिवार से मिलने पहुंचे। पीड़ित परिवार ने मुकदमा वापस लेने और पुलिस कर्मियों को बर्खास्त कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। प्रभारी मंत्री ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने जिला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
रविवार दोपहर साढ़े 12 बजे आनंद स्वरूप शुक्ला का काफिला नूरपुर गांव पहुंचा। वाहन से उतरने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह एवं कुछ अन्य नेताओं से उन्होंने सड़क पर ही बात की। इसके बाद पैदल ही पीड़ित सैनिक परिवार के घर पहुंचे। जहां पहले से ही मौजूद भाजपा पदाधिकारियों और विभिन्न संगठनों के सदस्यों से बात करने के बाद बंद कमरे में पीड़ित परिजनों संग करीब आधा घंटे तक रहे व उनकी दर्द भरी दास्तां सुनी।
परिवार के सदस्यों ने लाइन हाजिर थानाध्यक्ष, उपनिरीक्षक और अन्य पुलिस कर्मियों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने के साथ कैमरे की निगरानी में सभी घायलों का पुन: मेडिकल कराने का अनुरोध किया। प्रभारी मंत्री ने आश्वस्त किया कि उनकी सभी मागों को पूरा किया जाएगा।
इधर आंगन में मौजूद ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को न्याय की मांग को लेकर कार्रवाई की घोषणा की तत्काल करने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान वहां मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही। करीब सवा घंटे तक वहां रहने के बाद मंत्री पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देते हुए रवाना हो गए।
किसी सूरत में नहीं बख्शे जाएंगे दोषी
सेवराई। प्रभारी मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। पूरी निष्पक्षता के साथ मामले की जांच होगी। दोषी पुलिस कर्मियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवार से मिल कर अपने वाहन की तरफ जा रहे प्रभारी मंत्री का रास्ता ग्रामीणों ने गली में रोक लिया और तत्काल कार्रवाई की घोषणा करने की मांग करते हुए रास्ते पर ही बैठने का प्रयास करने लगे, लेकिन लोगों ने समझा-बुझाकर उन्हें हटा दिया। इस पर मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हर हाल में होगी।
थाने में पसरा रहा सन्नाटा
नगसर थाने में रविवार को जहां सन्नाटा पसरा रहा, वहीं पुलिस कर्मी आपस में बातचीत करने में लगे थे कि कब किस पर गाज गिरेगी कहा नहीं जा सकता। थाने पर तैनात पुलिस कर्मियों की नजर बस मुख्य मार्ग की तरफ जा रही थी कि अब कौन आलाधिकारी या कोई मंत्री आ रहा है।
ग्रामीणों की नारेबाजी से नाराज दिखे मंत्री
लोगों में इस बात को लेकर चर्चा थी कि पीड़ित सैनिक परिवार से मिलने के दौरान वहां जिस तरह नारेबाजी हुई है, उससे प्रभारी मंत्री खासे नाराज हैं। इस मामले में भी कई पुलिस कर्मियों पर गाज गिर सकती है। वजह कि मंत्री के आगमन को देखते हुए जगह-जगह पुलिस तैनात थी। चर्चा तो यहां तक है कि नूरपुर की घटना के कारण जिस तरह से आलाधिकारियों ने शुरू में लापरवाही बरती, उससे सरकार की काफी किरकिरी हो रही है।