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पुराने वफादार एक मंच पर लाकर कृष्णा ने ली बढ़त
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 24 Aug 2016 02:17 AM IST
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अपना दल की महारैली में संस्थापक सोनेलाल पटेल के वफादार नेताओं को एक मंच पर लाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने बता दिया कि पार्टी पर उनकी पकड़ यथावत है। अपना दल के राष्ट्रीय महासचिव सांसद कुंवर हरिवंश सिंह, प्रेमचंद मौर्य, सेठ जगदीश सिंह, डॉ. कैलाश नाथ पटेल, प्रो. गंगाराम यादव, एडवोकेट आरवी सिंह पटेल, शीला विश्वकर्मा, बुद्धसेन पटेल, ओमप्रकाश सरिता, छोटेलाल मौर्य, आनंद हीराराम, शकील आरफी, राधेश्याम पटेल आदि पार्टी के पुराने नेताओं ने मंच से जोशीला भाषण देकर तालियां बटोरी।
बता दें कि बीते दो जुलाई को अद अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने जगतपुर में रैली की थी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इस रैली में मुख्य अतिथि थे और उन्होंने एलान किया था कि 2017 के विस चुनाव में भाजपा का अपना दल से गठबंधन जारी रहेगा। हालांकि इस रैली में विधायक आरके वर्मा के छोड़ अद का कोई पुराना चेहरा मंच पर नहीं दिखा था।
बहरहाल, अनुप्रिया हों या कृष्णा पटेल दोनों की नजर अपने परंपरागत कुर्मी वोट बैंक पर है। यही वोट बैंक उनकी ताकत है। आज जिस तरीके से भाषणों में कमेरा समाज को झकझोरने का प्रयास किया गया और अनुप्रिया के प्रति पार्टी के नेताओं का रवैया तल्खी भरा रहा, उससे यह लग रहा है कि मां-बेटी की यह लड़ाई यूपी की सियासत में नया गुल खिलाएगी।
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बता दें कि बीते दो जुलाई को अद अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने जगतपुर में रैली की थी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इस रैली में मुख्य अतिथि थे और उन्होंने एलान किया था कि 2017 के विस चुनाव में भाजपा का अपना दल से गठबंधन जारी रहेगा। हालांकि इस रैली में विधायक आरके वर्मा के छोड़ अद का कोई पुराना चेहरा मंच पर नहीं दिखा था।
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बहरहाल, अनुप्रिया हों या कृष्णा पटेल दोनों की नजर अपने परंपरागत कुर्मी वोट बैंक पर है। यही वोट बैंक उनकी ताकत है। आज जिस तरीके से भाषणों में कमेरा समाज को झकझोरने का प्रयास किया गया और अनुप्रिया के प्रति पार्टी के नेताओं का रवैया तल्खी भरा रहा, उससे यह लग रहा है कि मां-बेटी की यह लड़ाई यूपी की सियासत में नया गुल खिलाएगी।
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