EO मणि मंजरी मामला: आरोपियों में पड़ी फूट, आत्म समर्पण कर सकते हैं ये आरोपी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया जिले के मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी (ईओ) मणि मंजरी राय के आत्महत्या मामले में अब तक एक नजर आ रहे आरोपियों में अब फूट पड़ गई है। नगर पंचायत मनियर के चेयरमैन भीम गुप्ता और नगर पंचायत सिकंदरपुर के ईओ संजय राव ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अलग-अलग अपील दायर की।
हालांकि दोनों के मामले की किसी न किसी कारण से सुनवाई नहीं हो सकी और कोर्ट ने उन्हें वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के लिए एक ही दिन 27 अगस्त की डेट दी है।
सूत्रों के अनुसार मामले में आरोपी बनाए गए दोनों बाबुओं को अब तक उम्मीद थी कि चेयरमैन अपने साथ उनकी गिरफ्तारी पर रोक के लिए भी हाईकोर्ट में अपील करेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इससे दोनों बाबू सकते में हैं और वे कभी भी पुलिस या कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण कर सकते हैं।
गौरतलब हो कि छह जुलाई की रात शहर के आवास विकास कॉलोनी स्थित फ्लैट में ईओ नगर पंचायत मनियर मणि मंजरी राय का शव फांसी के फंदे से लटका पाया गया था। मामले में मणि मंजरी के भाई ने कोतवाली थाने में केस दर्ज कराया था।
जांच में जुटी पुलिस ने चालक चंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया और इस समय वह जेल में है। लेकिन चालक के अलावा कोई भी आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है। इस बीच चेयरमैन भीम गुप्ता और ईओ सिकंदरपुर संजय राव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एंटीसिपेट्री बेल(जमानत) के लिए अर्जी डाली। दोनों के मामलों की सुनवाई 27 अगस्त को होनी है।
टैक्स व कंप्यूटर बाबू अधर में लटके
चंदन की गिरफ्तारी और चेयरमैन व ईओ के हाईकोर्ट की शरण में जाने के बाद मामले में आरोपी बनाए गए टैक्स बाबू विनोद सिंह व कंप्यूटर बाबू अखिलेश अब अधर में लटक गए हैं। अभी तक माना ये जा रहा था कि ये सभी लोग एक साथ ही हैं, लेकिन अब पता चल रहा है कि दोनों बाबू जिले में ही अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं।
बाबुओं से जुड़े लोगों के अनुसार अभी तक इन्हें उम्मीद थी चेयरमैन अपने साथ इनके लिए भी कोर्ट में अर्जी डालेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं है। चेयरमैन ने सिर्फ अपनी गिरफ्तारी पर रोक के लिए अर्जी डाली है। उधर, ईओ ने भी अपनी ही गिरफ्तारी के लिए हाई कोर्ट की शरण ली है।
उधर, पुलिस ने गैर जमानती वारंट जारी कराने के बाद अब 82/83 की कार्रवाई कर कुर्की नोटिस आदि की तैयारी में जुटी है। इससे बाबुओं के परिवार के लोग दहशत में आ गए हैं। वे लोग दोनों पर अब इस बात का दबाव बनाने लगे हैं कि ये आत्म समर्पण कर दें, अन्यथा पुलिस घर में तोड़फोड़ कर सकती है। इनसे जुड़े लोगों की मानें तो ये कभी भी आत्म समर्पण कर सकते हैं।