मऊ: मेमू ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया; रोजी-रोटी का संकट
धरौली चीनी मिल के पास मंगलवार सुबह मेमू ट्रेन की चपेट में आने से 42 वर्षीय अवधेश राजभर की मौत हो गई। वह दिल्ली में मजदूरी कर परिवार चलाता था। उसकी मौत से पत्नी कुसुम और तीन साल की बेटी व एक साल के बेटे के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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घोसी कोतवाली क्षेत्र में धरौली चीनी मिल के पास मंगलवार सुबह वाराणसी से दोहरीघाट जा रही मेमू ट्रेन की चपेट में आने से 42 वर्षीय अवधेश राजभर की मौत हो गई। हादसा सुबह करीब 7:30 बजे हुआ। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अवधेश की मौत से उसकी पत्नी कुसुम और तीन साल की बेटी व एक साल के बेटे के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है।
मृतक घोसी नगर के बड़ागांव उत्तरी निवासी स्वर्गीय शिवचरण का पुत्र था। घोसी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रवीन्द्रनाथ राय के अनुसार, अवधेश दिल्ली में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत उसका फार्म भरा गया था। आवास योजना की जांच के लिए फोटो खिंचवाने के सिलसिले में परिजनों ने उसे कुछ दिन पहले ही घर बुलाया था।
दवा लेने घर से निकला था अवधेश
परिजनों के अनुसार, मंगलवार सुबह अवधेश दवा लेने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान धरौली चीनी मिल के पास रेलवे ट्रैक पार करते समय वह वाराणसी से दोहरीघाट जा रही मेमू ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर घोसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पत्नी और बच्चों के सामने रोजी-रोटी का संकट
अवधेश दिल्ली में मजदूरी कर पत्नी और दो छोटे बच्चों का पालन-पोषण करता था। उसकी असमय मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। तीन साल की बेटी और एक साल के बेटे ने पिता को खो दिया, वहीं पत्नी कुसुम के सामने बच्चों की परवरिश और परिवार चलाने की चुनौती खड़ी हो गई है। क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।