फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Make expensive house

महंगा हो गया मकान बनवाना

Mon, 10 Apr 2017 01:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 10 Apr 2017 01:43 AM IST
विज्ञापन
Make expensive house
House

विज्ञापन
पखवारे भर के अंदर भवन निर्माण सामग्रियों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। बालू-गिट्टी के दाम डेढ़ से दोगुना तक बढ़ गए हैं। इसकी बड़ी वजह अवैध खनन और वसूली पर सख्ती से रोक बताई जा रही है। इससे आम परिवारों के लिए आशियाने का सपना पूरा कर पाना और महंगा हो गया है। हालात तो यह हैं कि जिनको काम कराना ही है उन्हें बढ़े दाम देने 
के बाद भी मैटेरियल समय पर नहीं मिल पा रहा। 


अवैध खनन पर रोक के बाद गंगा से निकलने वाली सफेद बालू बाजार से लगभग गायब हो गई है। वहीं, बाहर से यहां की मंडियों में आने वाली लाल बालू की आवक भी घट गई है। इसके दाम में डेढ़ से दो हजार रुपये प्रति सौ फीट की दर से उछाल आया है। चार हजार से 5600 रुपये प्रति सौ फीट की दर से बिकने वाली गिट्टी इस समय सात से आठ हजार रुपये तक पहुंच गई है। बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारियों का कहना है कि इस समय सरकार के विभिन्न प्रोजेक्ट चल रहे हैं। उनमें निर्माण सामग्रियों की भारी मांग है। इसके चलते दाम में कुछ बढ़ोतरी तो पहले ही हो गई थी, मगर प्रदेश में नई सरकार आने के बाद अवैध खनन बंद होने से गिट्टी-बालू की आवक चौथाई रह गई है। इससे दाम आसमान छूने लगे हैं। ऐसे में आम परिवारों के लिए अपना घर बना पाना अब और मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन



बिल्डिंग मैटेरियल के दाम में आए जबरदस्त उछाल का असर निर्माणाधीन भवनों पर पड़ रहा है। 90 प्रतिशत साइट्स पर काम ठप हो गया है और जहां चल रहा है वहां बेहद कम रफ्तार है। नोटबंदी के बाद फ्लैट्स के सस्ते होने की जो आस जगी थी, वह अब पूरी नहीं हो पाएगी। गिट्टी-बालू और मिट्टी के साथ ही सरिया और सीमेंट के दाम में बढ़ोतरी से भवन निर्माण की लागत बढ़ रही है। इस कारण फ्लैट्स की कीमतें भी बढ़नी तय मानी जा रही है। इसका असर केवल बिल्डर्स पर ही नहीं आम जनता पर भी पड़ेगा। बिल्डर्स की मानें तो वह कंस्ट्रक्शन मैटेरियल में 10 प्रतिशत तक आए उछाल का घाटा ही सह सकते हैं। इस समय दोगुने तक की वृद्धि दर्ज की जा रही है। ऐसे में जहां लोगों को भवन समय से नही दिया जा सकेगा तो वहीं उनको भी इसका अतिरिक्त खर्च उठाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed