Varanasi: कलेक्ट्रेट परिसर में गिरा विशालकाय नीम का पेड़, कोई हताहत नहीं, अधिवक्ताओं ने की जमकर नारेबाजी
वाराणसी के कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार दोपहर विशालकाय नीम का पेड़ अचानक गिर गया। संयोग रहा कि कोई इसकी चपेट में नहीं आया। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
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वाराणसी के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कोषागार के समीप बृहस्पतिवार की दोपहर 50 वर्ष से ज्यादा पुराना विशालकाय नीम का पेड़ भहरा कर गिर गया। संयोग अच्छा था कि पेड़ के नीचे दबकर कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं, घटना के काफी देरी तक मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों के न पहुंचने पर अधिवक्ताओं ने खासी नाराजगी जताई। इसके साथ ही जमकर नारेबाजी भी की।
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कोषागार के समीप विशालकाय नीम के पेड़ के नीचे करीब 200 अधिवक्ता टिनशेड के नीचे चौकी-कुर्सी लगाकर बैठते थे। पेड़ गिरने से अधिवक्ताओं की चौकी व कुर्सियां उसकी जद में आकर ध्वस्त हो गईं। घटना की सूचना पाकर सिविल कोर्ट के अधिवक्ता काफी संख्या में मौके पर जुट गए।
शिकायत को प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया
अधिवक्ता प्रशासन पर गैर जिम्मेदाराना कृत्य का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि पेड़ जर्जर था। उसे कटवाने के लिए कई बार प्रयास किया गया था और उसके गिरने का अंदेशा जताया गया था। इसके बावजूद प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व चेयरमेन व सदस्य हरिशंकर सिंह, सेंट्रल व बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभु नारायण पांडेय व रामप्रवेश सिंह, दोनों बार के महामंत्री शशिकांत दूबे व प्रदीप राय मौके पर पहुंचे। अधिवक्ताओं ने कहा कि उनके जिन साथियों का नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जाए। अन्यथा की स्थिति में अधिवक्ता हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।
10 मिनट पहले जमीन खिसकने लगी तो इधर-उधर भागे लोग
जिस समय नीम का पेड़ गिरा, उस दौरान कलेक्ट्रेट और सिविल कोर्ट परिसर में काफी चहल-पहल थी। नीम के पेड़ के नीचे काफी लोग मौजूद भी थे। पेड़ के गिरने के लगभग 10 मिनट पहले उसके आसपास की जमीन खिसकने लगी। इससे लोगों को पेड़ के गिरने की आशंका हुई और सभी उसके नीचे से दूर हट गए। इसके बाद देखते ही देखते लगभग 50 वर्ष से ज्यादा पुराना पेड़ भहरा कर गिर गया।