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बाबा साहब महर्षि थे : राजनाथ सिंह
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 25 Apr 2016 01:37 AM IST
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वाराणसी में रविवार को सारनाथ के मूलगंध कुटि विहार में धम्म चेतना यात्रा में पहुंचे केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भगवान बुद्ध की पूजा करते हुए ।
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि महात्मा बुद्ध के बताए रास्ते पर चलना बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का संकल्प था। हम बाबा साहब के संकल्प को पूरा करेंगे। भारत को न केवल एक मजबूत राष्ट्र बनाएंगे बल्कि भारत को विश्व गुरु भी बनाएंगे। कहा कि हमने बुद्धमय भारत बनाने का सपना देखा है। उस सपने को पूरा करने के लिए गांव-गांव, घर-घर जाएंगे। लोगों को बुद्ध का उपदेश और बाबा साहेब अंबेडकर का संकल्प बताएंगे। गृहमंत्री रविवार की दोपहर सारनाथ में आयोजित महा संघ दान एवं धम्म चेतना यात्रा के शुभारंभ के मौके पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
अखिल भारतीय भिक्षु संघ की पहल पर सारनाथ के मूलगंध कुटी विहार में आयोजित कार्यक्रम में राजनाथ ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर एक महर्षि थे। आजादी के बाद जहां सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अलग-अलग रियासतों का एक में विलय कराकर देश को एकता में पिरोया, वहीं डॉ. अंबेडकर ने रूढ़िवादी व्यवस्था को खत्म कर देश का सामाजिक तानाबाना मजबूत किया।
कहा कि डॉ. अंबेडकर भगवान बुद्ध से बेहद प्रभावित थे। आजाद भारत की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर उन्होंने भारतीय संविधान की रूपरेखा तैयार की थी। सारनाथ की ऐतिहासिकता का जिक्र करते हुए श्री सिंह ने कहा कि भारत नहीं बल्कि सभी भारतीयों का तीर्थ स्थल है यह पवित्र भूमि। दुनिया भर में फैले बौद्ध अनुयायियों की तीर्थ स्थली है सारनाथ। कहा कि भारतीय संस्कृति का दुनिया भर में यदि किसी ने सबसे अधिक प्रचार-प्रसार किया तो वे महात्मा बुद्ध थे। गौतम बुद्ध से प्रभावित होकर ही डॉ. अंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाया था।
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘अफगानिस्तान के बामियान भगवान बुद्ध की विशालकाय प्रतिमा ध्वस्त किए जाने के बाद मैंने संकल्प लिया था कि यूपी के कुशीनगर में बामियान से भी ऊंची भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करूंगा। मगर सरकार जाने के बाद यह योजना अधर में लटक गई। मगर अब विश्वास दिलाता हूं कि जल्द से जल्द यह योजना मूर्त रूप लेगी।
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अखिल भारतीय भिक्षु संघ की पहल पर सारनाथ के मूलगंध कुटी विहार में आयोजित कार्यक्रम में राजनाथ ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर एक महर्षि थे। आजादी के बाद जहां सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अलग-अलग रियासतों का एक में विलय कराकर देश को एकता में पिरोया, वहीं डॉ. अंबेडकर ने रूढ़िवादी व्यवस्था को खत्म कर देश का सामाजिक तानाबाना मजबूत किया।
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कहा कि डॉ. अंबेडकर भगवान बुद्ध से बेहद प्रभावित थे। आजाद भारत की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर उन्होंने भारतीय संविधान की रूपरेखा तैयार की थी। सारनाथ की ऐतिहासिकता का जिक्र करते हुए श्री सिंह ने कहा कि भारत नहीं बल्कि सभी भारतीयों का तीर्थ स्थल है यह पवित्र भूमि। दुनिया भर में फैले बौद्ध अनुयायियों की तीर्थ स्थली है सारनाथ। कहा कि भारतीय संस्कृति का दुनिया भर में यदि किसी ने सबसे अधिक प्रचार-प्रसार किया तो वे महात्मा बुद्ध थे। गौतम बुद्ध से प्रभावित होकर ही डॉ. अंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाया था।
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘अफगानिस्तान के बामियान भगवान बुद्ध की विशालकाय प्रतिमा ध्वस्त किए जाने के बाद मैंने संकल्प लिया था कि यूपी के कुशीनगर में बामियान से भी ऊंची भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करूंगा। मगर सरकार जाने के बाद यह योजना अधर में लटक गई। मगर अब विश्वास दिलाता हूं कि जल्द से जल्द यह योजना मूर्त रूप लेगी।