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महाकुंभ : कल्पवासियों के खून में एंटीबॉडी का स्तर ज्यादा क्यों, जानें- क्या कहता है यह रिसर्च

Mon, 20 Jan 2025 04:44 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 20 Jan 2025 04:44 PM IST
सार

Mahakumbh 2025 : कुंभनगरी में शाधकर्ताओं की टीम कल्पवास करने वालों पर शोध कर रही है। इसके पहले भी 1000 कल्पवासियों पर रिसर्च किया गया था। इसमें बताया जा रहा है कि इनके प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है।

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Mahakumbh 2025 level of antibodies blood of Kalpvaasis high Know research says
महाकुंभ में निषादराज पथ में बने रिसर्च सेंटर में माैजूद लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाकुंभ के कल्पवास से लोगों की प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है। बीएचयू के वैज्ञानिकों और डॉक्टरों ने रिसर्च शुरू कर दिया है। कुंभनगरी के निषादराज मार्ग पर शोधकर्ताओं की टीम अपना स्टॉल लगाकर ब्लड टेस्ट कर रही है।

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बीएचयू के रिसर्चर डॉ. वाचस्पति त्रिपाठी ने बताया कि आईएमएस के पूर्व निदेशक प्रो. आर जी सिंह समेत देश भर के कई डॉक्टरों ने शोध किया है। आईसीएमआर से जुड़े डॉक्टरों को भी इससे जुड़कर रिसर्च करने के लिए आवेदन दिया गया है। इससे पहले डॉ. वाचस्पति त्रिपाठी और आयुर्वेद संकाय के पूर्व डीन प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी की टीम ने 1000 कल्पवासियों के खून का सैंपल लेकर रिसर्च किया था। 
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सामने आया था कि इनके खून में एंटीबॉडीज का स्तर आम लोगों से ज्यादा है। इन लोगों से हेल्थ चार्ट भरवाकर हेल्थ बैकग्राउंड भी चेक किया गया। इम्युनोलॉजिकल टेस्ट का मान एन 200 आया। वहीं, किडनी और लिवर फंग्शन एन-100 आया।

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Mahakumbh 2025 level of antibodies blood of Kalpvaasis high Know research says
महाकुंभ में कल्पवास कर रहे भक्त। - फोटो : अमर उजाला

2013 के महाकुंभ और 2019 के कुंभ में भी रिसर्च 
डॉ. वाचस्पति त्रिपाठी ने कहा कि 45 दिनों तक कल्पवासी रहकर जो आध्यात्मिक जीवन जीते हैं, वो ही इनके रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक शक्ति का काम करती है। अब मेडिकल साइंस ने भी ये साबित कर दिया है। 2013 के महाकुंभ और 2019 के कुंभ में भी रिसर्च करने के लिए कुल सात वैज्ञानिक आए थे।  

डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि गंगा में सामूहिक तौर स्नान करने के बाद गंगा के पानी और मेला क्षेत्र में कई तरह के जीवाणुओं का संचार होता है। ये दूसरों में भी जाता है और ये नेचुरल इम्यूनिटी की तर्ज पर काम करती है। 

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