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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Maha Kumbh 2025: 13 Akharas will perform Peshwai in Kashi on Maha Shivratri 2025

काशी में भी दिखेगा महाकुंभ जैसा वैभव: महाशिवरात्रि पर 13 अखाड़े करेंगे पेशवाई, घाटों पर धुनी रमाएंगे संन्यासी

Fri, 20 Dec 2024 04:51 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Fri, 20 Dec 2024 04:51 PM IST
सार

महाकुंभ के बाद महाशिवरात्रि पर काशी में 13 अखाड़े पेशवाई करेंगे। साथ ही गंगा घाटों पर धुनी रमाए साधुओं की टोली भी डेरा डालेगी। इसे लेकर प्रशासन ने तैयारी की जिम्मेदारी भी सौंप दी है। 

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Maha Kumbh 2025: 13 Akharas will perform Peshwai in Kashi on Maha Shivratri 2025
काशी में शाही पेशवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भी महाकुंभ का वैभव दुनिया देखेगी। महाकुंभ में स्नान के बाद अखाड़ों का अगला पड़ाव काशी ही रहेगी। देवादिदेव महादेव का अभिषेक करके अखाड़ों के महामंडलेश्वर धर्मध्वजा को अनंत काल तक फहराने का आशीर्वाद मांगेंगे। इस दौरान काशी की सड़कों पर अखाड़ों की पेशवाई होगी, वहीं गंगा घाटों पर धुनी रमाए साधुओं की टोली भी डेरा डालेगी।

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26 फरवरी को अखाड़ों की होगी पेशवाई
महाकुंभ के समापन के बाद 13 अखाड़े बनारस में बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए पहुंचेंगे। महाशिवरात्रि पर 26 फरवरी को काशी में अखाड़ों की पेशवाई होगी। गाजे-बाजे, रथ, हाथी और घोड़े के साथ अखाड़ों की पेशवाई अखाड़ों से श्री काशी विश्वनाथ धाम के साथ ही शहर की सड़कों पर निकलेगी। इस दौरान काशी की जनता बाबा विश्वनाथ की सेना के रूप में मशहूर नागा साधुओं का वैभव देखेगी। अपनी-अपनी धर्मध्वजा के साथ अखाड़ों के महामंडलेश्वर पेशवाई का नेतृत्व करेंगे।
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अपनी धर्म ध्वजा के साथ पेशवाई में शामिल होंगे संन्यासी
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा और उसके भ्राता अखाड़े कहे जाने वाले श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़े और अग्नि अखाड़े के संन्यासी पूरे विधि विधान के साथ अपने-अपने अखाड़ों के इष्ट का आह्वान कर अपनी धर्म ध्वजा के साथ पेशवाई में शामिल होंगे। इसके अलावा महानिर्वाणी, निरंजनी, आनंद और अटल अखाड़े समेत सभी 13 अखाड़े नागा साधुओं के साथ काशी प्रवास करेंगे। जिला प्रशासन की ओर से पेशवाई के इंतजाम के लिए विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

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भगवान शिव की सेना कहे जाते हैं नागा साधु

काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि नागा साधु भगवान शिव की सेना कहे जाते हैं। 84 कोशात्मक काशी में महाकुंभ के बाद ये अपने इष्ट के जलाभिषेक के लिए काशी आएंगे। महाशिवरात्रि पर सभी 13 अखाड़ों की भव्य पेशवाई निकलेगी। अखाड़ों के महामंडलेश्वर पेशवाई के साथ ही बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करके सनातन की धर्मध्वजा को अनंत काल तक फहराने का आशीर्वाद लेंगे।

गंगा के तट पर धुनी रमाएंगे संन्यासी
महाकुंभ के पलट प्रवाह के दौरान गंगा के तट पर भी अखाड़ों के विविध रंग नजर आएंगे। साधु-संन्यासी गंगा के तट पर अपनी-अपनी धुनी रमाएंगे। कोई साधु एक पैर पर खड़ा होगा तो कोई धुनी रमाए होगा। कोई नागा वेश में होगा तो कोई भस्म रमाए होगा। कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे ही गंगा के तट पर साधुओं का डेरा जमेगा।
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