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मदन मोहन मालवीय जयंती: पीएम मोदी समेत दिग्गजों ने महामना को किया नमन, जानिए बीएचयू संस्थापक के बारे में

Sat, 25 Dec 2021 11:57 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 25 Dec 2021 11:57 AM IST
सार

पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर शनिवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें एक महान शिक्षाविद एवं समाज सुधारक बताया।

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Madan Mohan Malviya Jayanti PM Modi and president ram nath kovind pays tribute to Mahamana  know about BHU founder
बीएचयू के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्थापक भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय की आज 160वीं जयंती मनाई जा रही है। आज पूरा राष्ट्र उनको नमन कर रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर उनकी जयंती पर याद किया है।

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बीएचयू की ओर से 27 दिसंबर को जयंती
इसके अलावा कई केंद्रीय मंत्री और राजनेताओं ने बीएचयू संस्थापक को याद किया है। बीएचयू के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के जयंती के उपलक्ष्य में 20 से 27 दिसंबर तक विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन किए जा रहे हैं।  शनिवार दोपहर तीन बजे से प्रमुख आकर्षणों में से एक पुष्प प्रदर्शनी शुरू होगी। हिंदी तिथि के अनुसार 27 दिसंबर 2021 को यानि पौष कृष्ण अष्टमी को महामना की जन्म जयंती है। बीएचयू की ओर से 27 दिसंबर को जयंती मनाई जाएगी। 
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पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर शनिवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें एक महान शिक्षाविद एवं समाज सुधारक बताया। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में लिखा- महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद् और समाज सुधारक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश के विकास में उनके योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में देशवासी कृतज्ञता के भाव से महामना का स्मरण करते हैं। 
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पढ़ेंः मदन मोहन मालवीय जयंती आज: फूलों से महकेगी महामना की बगिया, दीपों से रोशन होगा पूरा परिसर

Madan Mohan Malviya Jayanti PM Modi and president ram nath kovind pays tribute to Mahamana  know about BHU founder
भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय - फोटो : फाइल

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट किया- बनारस विश्व हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक, महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक एवं शिक्षाविद, भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन। युवाओं में शिक्षा की अलख जगाकर राष्ट्र-प्रेम जाग्रत करने हेतु समर्पित उनका जीवन अनुकरणीय है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया- महान स्वाधीनता संग्राम सेनानी, उत्कृष्ट शिक्षाविद, भारतीय संस्कृति के जीवंत संवाहक केन्द्र 'काशी हिन्दू विश्वविद्यालय' के संस्थापक, 'भारत रत्न' महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी को उनकी जयंती पर कोटिश: नमन। 'महामना' का व्यक्तित्व एवं त्यागमय जीवन हमें सदैव प्रेरणा देता रहेगा।

2014 में महामान को मिला भारत का सर्वोच्च सम्मान
पंडित मदन मोहन मालवीय का जन्म 25 दिसंबर 1861 को प्रयागराज में हुआ था। वर्ष 1909 में उन्होंने कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन की अध्यक्षता की थी। एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालय बीएचयू की स्थापना में भी उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई। उन्हें वर्ष 2014 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था।

महामना मालवीय की 75वीं जयंती थी बेहद खास 

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय का जन्म पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी (25 दिसंबर,1861) को हुआ था। अपने संस्थापक की जयंती विश्वविद्यालय पूरी श्रद्धा से मनाता रहा है। यूं तो इसके साक्षी महामना खुद भी रहे लेकिन उनके देहावसान के बाद से ही हिंदी तिथि के अनुसार मालवीय जयंती का शुभारंभ प्रतिपदा से हो जाता है। 

पंडित मदन मोहन मालवीय के रहते हुए उनकी 75वीं जयंती बेहद खास थी। महामना का 75वां जन्मोत्सव विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में 1937 में मनाया गया था। विश्वविद्यालय और काशी के गणमान्य लोगों ने इसे मालवीय के सम्मान में आयोजित किया था। महामना को एक ‘अभिनंदन पत्र’ और सुंदर देशी घड़ी भेंट की गई थी, जिसमें भारत की आकृति बनी थी। 

महामना ने उस वक्त जन समूह को संबोधित करते हुए विश्वनाथ मंदिर के निर्माण में सहयोग करने की अपील की थी। मालवीय  को श्रीमद्भागवत और गीता ये दोनों ग्रंथ प्रिय थे, इसलिए उनकी जयंती पर मालवीय भवन में 1946 से ही श्रीमद्भागवत पारायण और कथा कराई जा रही है। वेदों और मंत्रों से सात दिन तक ये भवन गूंजता है। उनकी स्मृति में मालवीय स्मृति पुष्प प्रदर्शनी भी पिछले करीब पचास वर्षों से हो रही है।

मालवीय भवन बीएचयू की हृदयस्थली

विश्वविद्यालय के निर्माण और विकास दोनों के साक्षी मालवीय भवन बीएचयू की हृदयस्थली है। मालवीय जी से अगर आत्मीय दर्शन करना हो तो वे यहां जरूर मिलेंगे। यहां की हर दर-ओ-दीवार उनके होने का एहसास कराएगी। प्रवेश करते ही मालवीय की मूर्ति, जिसे देख हर कोई यहां अपने शीष जरूर झुकाता है। बीएचयू की स्थापना के बाद से महामना ने सबसे ज्यादा वक्त यहीं गुजारा।  मालवीय भवन के ऊपर लाइब्रेरी में मालवीय जी से जुड़े तमाम संग्रह मौजूद हैं। अब इस मालवीय भवन को हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित करने की योजना है।

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