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शिव के आंगन में मां अन्नपूर्णा: काशी विश्वनाथ धाम पहुंची दुर्लभ प्रतिमा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की प्राण-प्रतिष्ठा

Mon, 15 Nov 2021 11:25 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 15 Nov 2021 11:25 AM IST
सार

108 साल बाद कनाडा से शिव की नगरी काशी पहुंची मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा का बेमिसाल अंदाज में स्वागत किया गया। माता के आगमन की खुशियों का उल्लास कण-कण में बिखरा है। 

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काशी विश्ववनाथ धाम में सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

108 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सोमवार सुबह मां अन्नपूर्णा की दुर्लभ प्रतिमा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंच गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  वैदिक मंत्रोच्चार के बीच  प्रतिमा यात्रा की अगवानी की। पूरा मंदिर परिसर मां के जयकारे और हर-हर महादेव के उद्घोष से गुंजायमान है। मंगला आरती के बाद से ही मंदिर परिसर में आयोजन शुरू हो गए थे। 

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मुख्यमंत्री योगी ने की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा
भव्य स्वागत के बाद प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान आरंभ हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यजमान बने। सीएम योगी ने प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की।  काशी विश्वनाथ मंदिर का अर्चक दल काशी विद्वत परिषद की निगरानी में संपूर्ण प्रक्रिया को पूर्ण कराया।  मूर्ति स्थापना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई। जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर बाबा से आशीर्वाद मांगा। जनकल्याण के भावों से बाबा का पूजन अर्चन कर वहां से रवाना हुए।
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मूर्ति स्थापना का प्रसाद वितरण रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में भी होगा, जहां धर्म गुरुओं और मुख्यमंत्री का संबोधन होगा। बाबा विश्वनाथ के आंगन में भी माता के आगमन की खुशियों का उल्लास कण-कण में बिखरा है।  श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि बाबा विश्वनाथ की रंगभरी एकादशी की पालकी यात्रा की रजत पालकी और सिंहासन माता के स्वागत के लिए भेजा गया। मां ज्ञानवापी के प्रवेश द्वार से इसी पालकी में सिंहासन पर विराजमान होकर काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश कीं। 
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मां की प्रतिमा का जगह-जगह स्वागत
दिल्ली से 11 नवंबर को रवाना होने के बाद काशी पहुंचने के दौरान मां की प्रतिमा अलीगढ़, लखनऊ, अयोध्या, जौनपुर समेत यूपी के 18 जिलों से गुजरी। दिल्ली से  काशी आई माता की प्रतिमा का सोमवार को नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह स्वागत किया। जगह-जगह पुष्प वर्षा, डमरू दल, घंटा घड़ियाल बजाकर माता की रास्ते भर आरती उतारी गई। 

काशी में मां को कराया गया नगर भ्रमण
हर जिले में मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा का भव्य स्वागत किया गया। आज  सुबह वाराणसी में दुर्गाकुंड मंदिर से माता की प्रतिमा की शोभायात्रा निकली  और गुरुधाम चौराहा, विजया मॉल, ब्राडवे होटल, मदनपुरा, गोदौलिया होते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार पर पहुंची। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ माता की आरती उतारकर उनकी अगवानी की। 
तस्वीरों में देखें: 108 साल बाद काशी लौटीं मां अन्नपूर्णा, दुल्हन की तरह सजा काशी विश्वनाथ धाम

मां अन्नपूर्णा को चांदी का मुकुट, सोने का हार एवं कंगन

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मां अन्नपूर्णा को चांदी का मुकुट, सोने का हार एवं कंगन - फोटो : अमर उजाला
108 साल बाद महादेव की नगरी काशी में मां अन्नपूर्णा की प्राचीन मूर्ति की वापसी पर पुष्पवर्षा से स्वागत वंदन एवं आरती चेतमणि गुरुधाम चौराहे पर अग्रवाल महासभा चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष कुमार अग्रवाल ने परिवार के साथ किया। माता को चांदी का मुकुट, सोने की हार एवं कंगन अर्पित कर श्रृंगार एवं पूजन किया।


सोमवार को देवोत्थान एकादशी को मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को फूल-मालाओं से सजाकर प्रातः दुर्गामंदिर से शोभायात्रा हर-हर महादेव के उद्दघोष के साथ प्रारम्भ हुई।  18वीं शताब्दी की भव्य मूर्ति के एक हाथ में खीर की कटोरी एवं दूसरे हाथ में चम्मच देख कर लग रहा था कि मां अपने भक्तों को प्रसाद बांटते हुए अपने देवस्थान पर जाने हेतु चलायमान हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ  के हाथों बाबा विश्वनाथ धाम के नये देवोस्थान में प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा किये जाने पर अत्यंत हर्ष व्याप्त है।

18वीं सदी की है प्रतिमा

बलुआ पत्थर से बनी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा 18वीं सदी की बताई जाती है। मां एक हाथ में खीर का कटोरा और दूसरे हाथ में चम्मच लिए हुए हैं। प्राचीन प्रतिमा कनाडा कैसे पहुंची, यह राज आज भी बरकरार है। लोगों का कहना है कि दुर्लभ और ऐतिहासिक सामग्रियों की तस्करी करने वालों ने प्रतिमा को कनाडा ले जाकर बेच दिया था। काशी के बुजुर्ग विद्वानों को भी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा के गायब होने की जानकारी नहीं है।
पढ़ेंः वाराणसी पहुंची प्रतिमा: रजत पालकी पर सवार होकर काशी विश्वनाथ धाम में पधारेंगी मां अन्नपूर्णा
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