Lunar Eclipse 2023: आज लगेगा उपच्छाया चंद्रग्रहण, जानें क्या होता है, गर्भवती महिलाएं बरतें ये सावधानी
आज उपच्छाया चंद्रग्रहण लगेगा। ज्योतिषाचार्य आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण मान्ध चंद्रग्रहण के नाम से जाना जाएगा। भारतीय समय के अनुसार रात्रि में बिरल छाया प्रवेश 8:24 मिनट में होगा।
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वैशाख शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर वर्ष का पहला चंद्रग्रहण लगेगा। उपच्छाया चंद्रग्रहण होने के कारण सूतक का कोई वेध नहीं होगा। 4 घंटे 18 मिनट तक चलने वाला यह ग्रहण एशिया, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण पूर्वी यूरोप के कुछ भागों में दिखाई देगा। ग्रहण का प्रभाव भारत में ना होने की वजह से सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा।
काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि स्नान, दान और जप दृश्य ग्रहण में ही मान्य होता है। जो दृश्य ग्रहण नहीं होता उसमें सूतक नहीं लगेगा। स्पर्श, मध्य और मोक्ष जिस ग्रहण में नहीं है तो उसको ग्रहण भी नहीं कह सकते हैं। जो चंद्रग्रहण आंखों से स्पष्ट दिखाई ना दे उस चंद्रग्रहण का धार्मिक महत्व नहीं होता है। मात्र उपच्छाया वाले चंद्रग्रहण आंखों से नजर नहीं आते हैं इसलिए ग्रहण से संबंधित कोई कर्मकांड नहीं किया जाता है।
ज्योतिषाचार्य आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण मान्ध चंद्रग्रहण के नाम से जाना जाएगा। भारतीय समय के अनुसार रात्रि में बिरल छाया प्रवेश 8:24 मिनट में होगा। ग्रहण का मोक्ष रात्रि में 1:02 मिनट पर होगा। यह ग्रहण भारत वर्ष में दिखाई तो देगा किंतु एक उपच्छाया ग्रहण है। इसमें ग्रहण से संबंधित वेध, सूतक, स्नान दान एवं पुण्य यम नियम आदि मान्य नहीं होंगे।
गर्भवती महिलाओं को बरतनी चाहिए सावधानी
पं. दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि चंद्र ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा ग्रसित हो जाता है जिसका असर हर किसी की मानसिक स्थिति पर पड़ता है। ग्रहण का असर भारत में नहीं होगा लेकिन धार्मिक और पौराणिक बातों को ध्यान में रखते हुए गर्भवती महिलाओं को इस दिन सावधानी बरतने की जरूरत है। सावधानी रखेंगे तो आप स्वस्थ और सेहतमंद रहेंगे। गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय सोए नहीं, सीधी बैठे रहें। तेज धार वाली चीजों का इस्तेमाल ना करें। गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय भोजन बनाने और भोजन खाने से परहेज करें। ज्यादा भूख लगने पर फल का सेवन कर सकती हैं।