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महाकुंभ से पहले वाराणसी- प्रयागराज के बीच चलेंगे ‘लो ड्राफ्ट’ पोत, रोमांचक होगा सफर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 14 Nov 2018 02:22 PM IST
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ज्वाइंट वेंचर ने शरू किया सर्वे, आज वाराणसी आएंगे प्रोजेक्ट हेड
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी से प्रयागराज के बीच गंगा में पर्यटन और परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘लो ड्राफ्ट वेसेल्स’ (कम गहराई में भी चलने में सक्षम पानी के जहाज) चलाए जाएंगे। इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसकी रणनीति तैयार कर ली है। दिसंबर से चार ‘लो ड्राफ्ट वेसेल्स’ चलाए जाएंगे।
महाकुंभ और प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। परिवहन और पर्यटन के सभी पहलुओं पर ध्यान देने के साथ ही सैलानियों को नए व रोमांचक अनुभव कराने की तैयारी भी की जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए आईडब्लूएआई वाराणसी से इलाहाबाद के बीच चार ‘लो ड्राफ्ट वेसेल्स’ चलाएगा।
इसके लिए चार जगह अस्थाई टर्मिनल बनाए गए हैं। राज्य सरकार के सहयोग से इन घाटों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। डिप्टी डायरेक्टर आईडब्लूएआई वाराणसी मयंक कुमार ने बताया कि कुछ घंटे के अंतराल में इनका संचालन किया जाएगा।
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सफर में लगेगा एक से डेढ़ दिन
गंगा के रास्ते वारणसी से इलाहाबाद का सफर एक से डेढ़ दिन का होगा। ढाई सौ किलोमीटर से ज्यादा लंबे जलमार्ग से आवागमन में लंबा समय लगेगा। पर्यटन के लिहाज से यह रोमांचक सफर होगा। शहर और गांव के नए एंगल से देखने और जलमार्ग का रोमांच पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण होगा
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महाकुंभ और प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। परिवहन और पर्यटन के सभी पहलुओं पर ध्यान देने के साथ ही सैलानियों को नए व रोमांचक अनुभव कराने की तैयारी भी की जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए आईडब्लूएआई वाराणसी से इलाहाबाद के बीच चार ‘लो ड्राफ्ट वेसेल्स’ चलाएगा।
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इसके लिए चार जगह अस्थाई टर्मिनल बनाए गए हैं। राज्य सरकार के सहयोग से इन घाटों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। डिप्टी डायरेक्टर आईडब्लूएआई वाराणसी मयंक कुमार ने बताया कि कुछ घंटे के अंतराल में इनका संचालन किया जाएगा।
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सफर में लगेगा एक से डेढ़ दिन
गंगा के रास्ते वारणसी से इलाहाबाद का सफर एक से डेढ़ दिन का होगा। ढाई सौ किलोमीटर से ज्यादा लंबे जलमार्ग से आवागमन में लंबा समय लगेगा। पर्यटन के लिहाज से यह रोमांचक सफर होगा। शहर और गांव के नए एंगल से देखने और जलमार्ग का रोमांच पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण होगा
बनारस से आगरा के बीच अब सेमी हाईस्पीड ट्रेन,
फोरलेन, रिंग रोड व जलमार्ग से काशी वासियों को मिले पीएम के तोहफे के बाद अब रेल मंत्रालय ने शहर को सेमी हाईस्पीड ट्रेन देने का निर्णय लिया है। सेमी हाईस्पीड ट्रेन वाराणसी से आगरा के बीच चलेगी। इस ट्रेन से 700 किलोमीटर की दूरी महज साढ़े तीन घंटे में तय की जा सकेगी। ऐसा होने पर प्रदेश के दो पर्यटन क्षेत्रों के बीच आवागमन सुविधा को सुगम किया जा सकेगा।
दोनों ही शहरों में बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी पहुंचते हैं। अभी यह दूरी 10 से 12 घंटे में तय हो रही है। लखनऊ मंडल बहुत जल्द सेमी हाईस्पीड ट्रेन के लिए सर्वे शुरू करने जा रहा है। आधारभूत ढांचे का विकास करते हुए परियोजना को मूर्त रुप देने की कोशिश की जा रही है।
आगरा-वाराणसी के अलावा मुंबई से बेंगलौर और दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच भी हाई स्पीड कॉरीडोर बनाने पर सहमति बन चुकी है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह अहम जानकारी हाल ही में साझा की है।
दोनों ही शहरों में बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी पहुंचते हैं। अभी यह दूरी 10 से 12 घंटे में तय हो रही है। लखनऊ मंडल बहुत जल्द सेमी हाईस्पीड ट्रेन के लिए सर्वे शुरू करने जा रहा है। आधारभूत ढांचे का विकास करते हुए परियोजना को मूर्त रुप देने की कोशिश की जा रही है।
आगरा-वाराणसी के अलावा मुंबई से बेंगलौर और दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच भी हाई स्पीड कॉरीडोर बनाने पर सहमति बन चुकी है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह अहम जानकारी हाल ही में साझा की है।