Varanasi News: बिंदु माधव मंदिर में मक्खन-मलाई से हुआ प्रभु का शृंगार, भजनों की प्रस्तुति ने मोहा मन
Prabodhini Ekadashi 2025: काशी के बिंदुमाधव के मंदिर में शृंगार के साथ भव्य आरती का भी आयोजन किया गया। इसमें कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी। हजारों भक्तों ने प्रभु के मनोहारी स्वरुप का दर्शन किया।
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Varanasi News: छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित बिंदु माधव मंदिर में चल रहे दिव्य कार्तिक मास के तहत कार्तिक शुक्ल एकादशी यानी प्रबोधिनी एकादशी के दिन पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव मंदिर में सुबह चार बजे से रात 10 बजे विविध धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न हुए।
मंदिर के प्रधान अर्चक आचार्य मुरलीधर गणेश पटवर्धन ने बताया कि प्रात: चार बजे मंगला (काकडा) आरती हुई। प्रात: 4.30 बजे मक्खन आरती हुई। प्रात: छह बजे श्रीखंड मलाई आरती हुई, जिस पर सोने का वर्क चढ़ा हुआ था। प्रात: आठ बजे भगवान बिंदुमाधव का शेषशाई श्रृंगार हुआ।
शाम चार बजे पंडित अच्युत पटवर्धन के आचार्यत्व में 1008 विष्णु सहस्त्रनाम से 50 महिलाओं द्वारा भगवान बिंदुमाधव को सहस्त्र तुलसी दल अर्पित किया गया। रात करीब बजे मंदिर में भक्ति संगीत का आयोजन हुआ।
प्रथम प्रस्तुति गायक गणेश पाठक ने अपने भजन "जय जय हे तुलसी माता" से तुलसी की महिमा व भगवान विष्णू का गुणगान किया। द्वितीय प्रस्तुति के रुप में बिंदुमाधव ने 'अच्युतम केशवम' से माहाैल को भक्तिमय बना दिया।
अंतिम प्रस्तुति गायक राकेश तिवारी ने 'श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारे हे नाथ नारायण वासुदेव' से श्रोताओं को झुमने के लिए मजबूर कर दिया। तबले पर नमन पांडेय ने व की-बोर्ड पर कुलदीप ने संगत की। इस अवसर पर आचार्य मुरलीधर गणेश पटवर्धन, अच्युत पटवर्धन, संतोष सोलापुरकर, स्वप्निल पाठक, दिनेश श्रीवास्तव, संजय ब्रह्में, सुहास कापशे आदि रहे।