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सूनी गोद भरने की लालसा का अनुष्ठान
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 08 Sep 2016 02:05 AM IST
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सूनी गोद भरने की लालसा का अनुष्ठान
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सूनी गोद भरने की कामना लेकर लोलार्क षष्ठी पर काशी के भदैनी स्थित लोलार्क कुंड में लगभग दो लाख से अधिक दंपतियों ने स्नान किया। हजारों महिलाओं ने प्रतीक रूप में पति के कपड़ों के साथ भी स्नान किया। मंगलवार रात 12 बजे पूजा पाठ के बाद षष्ठी स्नान का क्रम शुरू हुआ, जो बुधवार शाम पांच बजे तक जारी रहा। श्रद्धालुओं की कतार चार किलोमीटर तक पहुंच गई, और स्नान करने वालों की संख्या चार लाख से अधिक हो गई। लोलार्क कुंड की तरह ही रवींद्रपुरी स्थित क्रीं कुंड में भी लोलार्क छठ पर देश भर से आए हजारों नि:संतान दंपतियों ने स्नान किया।
दंपतियों की मंगलवार देर रात से लगी कतार बुधवार शाम तक बरकरार रही। सूनी गोद भरने की कामना लेकर लोलार्क षष्ठी स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने का सिलसिला मंगलवार की दोपहर से ही प्रारंभ हो गया था। रात तक कतार एक किलोमीटर से भी लंबी हो गई थी। रात 12 बजे पूजा पाठ के बाद षष्ठी स्नान का क्रम शुरू हुआ, जो बुधवार को पूरे दिन जारी रहा। देश भर से आए लगभग चार लाख श्रद्धालुओं ने यहां कुंड में डुबकी लगाई।
भीड़ को देखते हुए दो दिन पहले से ही इस इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई थी। ट्रैफिक को भी डायवर्ट किया गया था। कूच बिहार स्टेट कमेटी की देखरेख में स्नान पर्व संपन्न हुआ। एनडीआरएफ और पुलिस फोर्स के अलावा कमेटी के 40 से अधिक वालेंटियर्स श्रद्धालुओं की सेवा और भीड़ को नियंत्रित करने में लगे रहे। रात सवा बारह बजे तीर्थ पुरोहितों द्वारा कुंड की महाआरती के बाद स्नान शुरू हुआ। इस मौके पर लोलार्क महादेव का भव्य शृंगार भी किया गया। इस बार दो तरफ से बैरिकेडिंग की गई थी। भीड़ का आलम यह था कि भोर में शिवाला के आगे स्नानार्थियों की कतार थी तो दोपहर में यह दूसरी कतार कुंड से लगभग चार किलोमीटर दूर जंगमबाड़ी तक पहुंच गई थी। दोनों ओर से बारी-बारी से लोगों को छोड़ा जा रहा था।
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कमेटी के सदस्यों की मानें तो दोपहर 11 बजे तक ढाई से पौने तीन लाख लोग स्नान कर चुके थे। हालांकि चेंजिंग रूम की व्यवस्था न होने से महिलाओं को खासी दिक्कत हुई। इस दौरान भदैनी के स्थानीय पार्षद गोविंद शर्मा की अगुवाई में स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे। यहां लगे शिविर से चाय, बिस्किट के अलावा दस हजार से अधिक पानी के पाउच बांटे गए। साथ ही, मेले में गुम 400 से अधिक लोगों को उनके परिवार से मिलवाया गया।
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दंपतियों की मंगलवार देर रात से लगी कतार बुधवार शाम तक बरकरार रही। सूनी गोद भरने की कामना लेकर लोलार्क षष्ठी स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने का सिलसिला मंगलवार की दोपहर से ही प्रारंभ हो गया था। रात तक कतार एक किलोमीटर से भी लंबी हो गई थी। रात 12 बजे पूजा पाठ के बाद षष्ठी स्नान का क्रम शुरू हुआ, जो बुधवार को पूरे दिन जारी रहा। देश भर से आए लगभग चार लाख श्रद्धालुओं ने यहां कुंड में डुबकी लगाई।
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भीड़ को देखते हुए दो दिन पहले से ही इस इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई थी। ट्रैफिक को भी डायवर्ट किया गया था। कूच बिहार स्टेट कमेटी की देखरेख में स्नान पर्व संपन्न हुआ। एनडीआरएफ और पुलिस फोर्स के अलावा कमेटी के 40 से अधिक वालेंटियर्स श्रद्धालुओं की सेवा और भीड़ को नियंत्रित करने में लगे रहे। रात सवा बारह बजे तीर्थ पुरोहितों द्वारा कुंड की महाआरती के बाद स्नान शुरू हुआ। इस मौके पर लोलार्क महादेव का भव्य शृंगार भी किया गया। इस बार दो तरफ से बैरिकेडिंग की गई थी। भीड़ का आलम यह था कि भोर में शिवाला के आगे स्नानार्थियों की कतार थी तो दोपहर में यह दूसरी कतार कुंड से लगभग चार किलोमीटर दूर जंगमबाड़ी तक पहुंच गई थी। दोनों ओर से बारी-बारी से लोगों को छोड़ा जा रहा था।
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कमेटी के सदस्यों की मानें तो दोपहर 11 बजे तक ढाई से पौने तीन लाख लोग स्नान कर चुके थे। हालांकि चेंजिंग रूम की व्यवस्था न होने से महिलाओं को खासी दिक्कत हुई। इस दौरान भदैनी के स्थानीय पार्षद गोविंद शर्मा की अगुवाई में स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे। यहां लगे शिविर से चाय, बिस्किट के अलावा दस हजार से अधिक पानी के पाउच बांटे गए। साथ ही, मेले में गुम 400 से अधिक लोगों को उनके परिवार से मिलवाया गया।