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संकटमोचन की शरण में पहुंचे सीएम योगी, बोले- काफी दिनों से दर्शन की इच्छा आज हुई पूरी

Thu, 18 Apr 2019 01:26 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 18 Apr 2019 01:26 PM IST
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lok sabha elections 2019 Chief Minister Yogi Adityanath in varanasi
गाय को गुड़ खिलाते सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर 16 अप्रैल से चुनाव आयोग ने 72 घंटे के लिए चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिसके बाद सीएम योगी गुरुवार को वाराणसी के मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे। 

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सीएम योगी गड़वा घाट पर पहुंचे और वहां के महंत से मिले। सीएम योगी ने इस दौरान गड़वा घाट पर पाली गई गायों को गुड़ और केला खिलाया। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10:35 पर संकटमोचन मंदिर गए। 
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जहां उनका स्वागत संकट मोचन मंदिर के महंत विश्वंभर नाथ मिश्रा और उनके भाई डॉ. बीएन मिश्रा ने किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने हनुमान जी का दर्शन करने के बाद मंदिर की परिक्रमा भी की। इस दौरान भाजपा जनों और उनके समर्थकों द्वारा 'जय श्री राम' का उद्घोष किया गया।
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सीएम योगी ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इसके बाद सीएम योगी ने महंत परिवार से वार्ता की। उन्होंने कहा कि मेरी बहुत दिनों से पवनसुत के दरबार में आने की इच्छा थी। लेकिन समय अभाव के कारण नहीं आ पाया।

इस दौरान चुटकी लेते हुए महंत परिवार ने कहा कि चलिए चुनाव आयोग के ही सौजन्य से आप मंदिर तो पधारें। मंदिर के महंत विश्वंभर नाथ मिश्रा ने बताया कि यहां कोई राजनीतिक वार्तालाप नहीं हुई। केवल धार्मिक विषयों पर चर्चा हुई है, संकट मोचन संगीत समारोह में आने के लिए उनको निमंत्रण दिया गया है।

आज सुबह मुख्यमंत्री देवीपाटन मंदिर के गौशाला में गए। साथ ही वह थारू बच्चों से मुलाकात की। इससे पहले बुधवार को सीएम योगी ने लखनऊ में दिव्यांग बेटियों से मुलाकात की थी। इस दौरान सीएम योगी ने मोहन रोड स्थित स्पर्श राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की दिव्यांग छात्राओं से सवाल किए।

सीएम ने पूछा था कि  ‘स्कूल में पढ़ाई होती है? खाना-कपड़ा मिलता है? कोई परेशानी तो नहीं होती?’ इस पर बेटियों ने कहा, हां सब मिलता है और पढ़ाई भी अच्छी होती है। इन बेटियों ने कभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखा नहीं था। सिर्फ उनके बारे में घर-परिवार और स्कूल में सुना था।

ऐसे में जब उन्हें अपने बीच पाया तो उनकी खुशी देखने लायक थी। कुछ दिव्यांग छात्राएं प्रवेश द्वार पर हाथों में गुलाब के फूल लिए थीं तो कक्षाओं में बैठी बेटियों में भी मुख्यमंत्री से मिलने का उत्साह दिख रहा था। 

काफिले के साथ योगी आदित्यनाथ स्कूल पहुंचे तो मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रबंधकों ने अभिवादन किया। इसके बाद सीएम आत्मीयता के साथ बेटियों से मिले, एक-एक से नाम पूछकर हालचाल लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री उस कक्षा में गए, जहां कक्षा 9 से 12 तक की छात्राएं बैठी थीं। योगी के सवाल पर स्कूल प्रबंधक ने बताया कि यहां कक्षा 1 से 12वीं तक की कक्षा चलती है। 

यही भी जानकारी दी कि पूरे प्रदेश के बच्चे बढ़ रहे हैं। फिर सीएम ने सवाल किया कि स्टाफ पूरा है? प्रबंधक ने कहा, 20 शिक्षक है। स्टाफ पूरा है। प्रदेश में उनके तीन नेत्रहीन विद्यालय संचालित हैं। बताया कि ब्रेन लिपि की किताबें बच्चों को दी जा रही है। स्कूल में लाइब्रेरी भी है। 

योगी ने पूछा, इनके परिवार के लोग मिलने आते है तो प्रबंधक ने हां में जवाब दिया। सीएम ने कक्षा 9 की छात्रा निहारिका, बलरामपुर की इंदु से पढ़ाई और भोजन को लेकर बात की। कक्षा सात की छात्रा बाराबंकी की सलोनी से भी बातचीत की। फिर तीसरी क्लास में पढ़ रही अंजली से पूछा कि भोजन-कपड़ा मिलता है। उसने हां में जवाब दिया।

भजन सुनकर भावुक हुए
दिव्यांग बेटियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘मोहन से दिल क्यों लगाया है, या वो जाने या मैं जानूं’ भजन सुनाया। इसे सुनकर भावुक हुए सीएम ने शाबाशी दी। योगी ने बेटियों को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने का आशीर्वाद भी दिया।
 
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