लॉकडाउन: मुंबई से साइकिल चलाकर जौनपुर पहुंचे दो युवक, एक छत्तीसगढ़ से पहुंचा अपने घर
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लॉकडाउन ने मुश्किलें बढ़ाई तो फिर बड़े शहरों में फंसे लोगों के सामने घर वापसी के अलावा कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा है। राह की तमाम दुश्वारियों की परवाह किए बगैर लोग अपने घर वापस चले आ रहे हैं। जौनपुर जिले के ऐसे ही कई युवक साइकिल से सैकड़ों किमी की दूरी तय कर मंगलवार को घर पहुंचे हैं।
मुंबई से जौनपुर तक 1500 किमी का सफर
जौनपुर जिले के मीरगंज के रामपुर खुर्द गांव निवासी मुकेश यादव(24) और अजय यादव(25) मुंबई मे रहकर काम करते हैं। लॉकडाउन के बाद पहले रोजगार ठप हुआ और जब जेब भी खाली होने लगी तो दोनों ने घर निकलने की ठानी। ट्रेन बस बंद होने के कारण दोनों ने साइकिल से सफर तय करने का फैसला लिया।
पहले दोनों एक साइकिल से नासिक तक पहुंचे और वहां से एक और साइकिल खरीद कर दोनों ने अलग-अलग सफर तय किया। दस दिन लगातार चलते हुए गांव पहुंच गए। मध्यप्रदेश मे पुलिस ने उन्हे रोकने का प्रयास किया तो दोनों गांव के रास्ते से निकल आए। मंगलवार को मीरगंज के जंघई स्टेशन होते हुए रामपुरखुर्द गांव पहुंच गए।
सूचना मिलने पर कोरोना निगरानी टीम के डॉ बीएल यादव व संतोष कुमार ने गांव पहुंचकर दोनों का चिकित्सकीय परीक्षण किया और फिर उन्हें 14 दिन तक होम क्वारंटीन रहने का निर्देश दिया।
साइकिल से पांच दिन में नाप दी 746 किमी की दूरी
मीरगंज क्षेत्र का ही एक युवक पांच दिन में छत्तीसगढ़ से 746 किमी दूरी नाप कर मंगलवार को गांव पहुंचा है। घर पहुंचने पर उसका स्वागत फुल माला से किया गया। रामपुर चौथार गांव निवासी तेज बहादुर यादव(25) वर्ष छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक प्राइवेट कंपनी मे बतौर फिटर काम करता है। लॉकडाउन के कारण यातायात बंद होने पर वह साइकिल से घर चलने का फैसला किया।