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गड्ढा खोदकर पॉलिथीन बिछाएं, फिर डंप करें कूड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Wed, 30 Mar 2016 02:00 AM IST
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निरीक्षण करने पहुंचे विजय चौरसिया
डाफी बाईपास स्थित लौटूबीर मंदिर से रमना अस्थाई डंपिंग ग्राउंड के बीच डेढ़ किलोमीटर दूरी तक जगह-जगह कूड़ा गिरा देख मंगलवार को शहरी विकास मंत्रालय के तकनीकी सलाहकार विजय चौरसिया भड़क उठे। नगर निगम प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। कहा कि यह कौन सा तरीका है शहर का कूड़ा एकत्र कर जहां-तहां फेंकने का। उन्होंने ताकीद की कि रमना में गड्ढा खोदकर पहले जमीन पर पॉलिथीन बिछाएं। इसके बाद केमिकल गिराकर कूड़ा गिराएं और फिर उस पर मिट्टी डालकर ढंक दें।
कूड़ा प्रबंधन की समस्या से शहर को निजात दिलाने के लिए मंगलवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के तकनीकी सलाहकार विजय चौरसिया ने रमना स्थित अस्थाई कूड़ा डंपिंग ग्राउंड और करसड़ा स्थित निर्माणाधीन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। उनके साथ शहर के 14 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम संभालने वाली संस्था आईएलएफएस के प्रतिनिधि भी थे। मंत्रालय के सलाहकार ने नगर निगम के कूड़ा गिराने के तरीके पर गहरी नाराजगी जताई। कहा कि रमना क्षेत्र में नगर निगम अविलंब पौधरोपण कराए। कूड़ा गिराने से पहले से ऐसी व्यवस्था की जाए कि वह किसी के लिए परेशानी का कारण न बने। करसड़ा प्लांट के संबंध में नगर निगम के तहसीलदार अविनाश कुमार ने उन्हें बताया कि मामला न्यायालय में लंबित है। फैसला आते ही यहां की मशीनें दुरुस्त कराकर कूड़ा प्रबंधन का काम शुरू कर दिया जाएगा।
रमना ग्राउंड का निरीक्षण करने पहुंचे शहरी विकास मंत्रालय के सलाहकार से ग्रामीणों ने मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई। सीरगोवर्धनपुर के राजेश यादव और रमना प्रधान पति अमित पटेल की अगुवाई में पहुंचे लोगों ने कहा कि यह जमीन एसटीपी की है, यहां कूड़ा नहीं गिरने दिया जाएगा। हमारे स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए। कूड़े की दुर्गंध से जीना मुहाल हो गया है। ऊपर से कूड़े में आग लगा दी जाती है। जिससे कई गांवों के लोगों को सांस तक लेने में परेशानी होती है। आग बुझाने के लिए यहां दो पंपिंग सेट लगाए हैं लेकिन कभी चलते नहीं हंै। यहां की मिट्टी खोदकर नगर निगम के कर्मचारी बेच रहे हैं लेकिन किसी को फिक्र ही नहीं है। तकनीकी सलाहकार ने कहा कि जल्द ही आप सभी की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
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कूड़ा प्रबंधन की समस्या से शहर को निजात दिलाने के लिए मंगलवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के तकनीकी सलाहकार विजय चौरसिया ने रमना स्थित अस्थाई कूड़ा डंपिंग ग्राउंड और करसड़ा स्थित निर्माणाधीन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। उनके साथ शहर के 14 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम संभालने वाली संस्था आईएलएफएस के प्रतिनिधि भी थे। मंत्रालय के सलाहकार ने नगर निगम के कूड़ा गिराने के तरीके पर गहरी नाराजगी जताई। कहा कि रमना क्षेत्र में नगर निगम अविलंब पौधरोपण कराए। कूड़ा गिराने से पहले से ऐसी व्यवस्था की जाए कि वह किसी के लिए परेशानी का कारण न बने। करसड़ा प्लांट के संबंध में नगर निगम के तहसीलदार अविनाश कुमार ने उन्हें बताया कि मामला न्यायालय में लंबित है। फैसला आते ही यहां की मशीनें दुरुस्त कराकर कूड़ा प्रबंधन का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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रमना ग्राउंड का निरीक्षण करने पहुंचे शहरी विकास मंत्रालय के सलाहकार से ग्रामीणों ने मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई। सीरगोवर्धनपुर के राजेश यादव और रमना प्रधान पति अमित पटेल की अगुवाई में पहुंचे लोगों ने कहा कि यह जमीन एसटीपी की है, यहां कूड़ा नहीं गिरने दिया जाएगा। हमारे स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए। कूड़े की दुर्गंध से जीना मुहाल हो गया है। ऊपर से कूड़े में आग लगा दी जाती है। जिससे कई गांवों के लोगों को सांस तक लेने में परेशानी होती है। आग बुझाने के लिए यहां दो पंपिंग सेट लगाए हैं लेकिन कभी चलते नहीं हंै। यहां की मिट्टी खोदकर नगर निगम के कर्मचारी बेच रहे हैं लेकिन किसी को फिक्र ही नहीं है। तकनीकी सलाहकार ने कहा कि जल्द ही आप सभी की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
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