Varanasi: बदलते बनारस में जमीन खरीदने की होड़, रजिस्ट्री 33 फीसदी बढ़ी, स्टांप बिक्री का मुनाफा 54.16% ज्यादा
बनारस में तेजी से बढ़ रही सुविधाओं के चलते पूर्वांचल सहित देशभर के लोग यहां निवेश करना चाहते हैं। यही कारण है कि यहां जमीन में निवेश तेजी से बढ़ा है। इसकी तस्दीक रजिस्ट्री कार्यालय के आंकड़े कर रहे हैं।
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बदलते बनारस में सोने सी खरी हो चुकी जमीन में निवेश करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। एक वित्तीय वर्ष में ही 33 फीसदी ज्यादा रजिस्ट्री हुई। स्टांप बिक्री में 54.16 फीसदी का इजाफा हुआ है।
बनारस में तेजी से बढ़ रही सुविधाओं के चलते पूर्वांचल सहित देशभर के लोग यहां निवेश करना चाहते हैं।
व्यावसायिक गतिविधियों से लेकर बसने तक में सबसे पहली जरूरत जमीन की होती है। यही कारण है कि यहां जमीन में निवेश तेजी से बढ़ा है। इसकी तस्दीक रजिस्ट्री कार्यालय के आंकड़े कर रहे हैं। निवेशक धर्म, आध्यात्म और सांस्कृतिक राजधानी काशी में कोई आशियाना बना रहे हैं। तमाम लोग व्यापार की राह तलाशने में जुटे हैं।
वाराणसी मंडल के चार जिलों वाराणसी, जौनपुर ,गाजीपुर ,चंदौली में जमीन की रजिस्ट्री के लिए स्टाम्प बिक्री से वित्तीय वर्ष 2018-19 में 928.02 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में आए। वर्ष 2022 -23 में स्टांप बिक्री से 1430.65 करोड़ रुपये जमा हो गए, जो 54.16 फीसदी ज्यादा है।
कॉरिडोर बनने का फायदा, आगे अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, गंगा घाटों का सुंदरीकरण, रिंग रोड, पूर्वांचल एक्सप्रेस-व, राष्ट्रीय राजमार्ग के जरिये पूर्वांचल से कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की एयर कनेक्टिविटी बनी है। 56 से ज्यादा फ्लाइटों का आवागमन हो रहा है। रिंग रोड के किनारे ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बन रहा है। इसका शिलान्यास भी होना है।
56 करोड़ की रजिस्ट्री सबसे बड़ी
इस साल की सबसे बड़ी रजिस्ट्री विरदोपुर में हुई है। व्यावसायिक संपत्ति की कीमत 56 करोड़ रुपये है। इसके एवज में निबंधन विभाग को 3.92 करोड़ रुपये स्टांप शुल्क मिले हैं।
महिलाओं के नाम से रजिस्ट्री का बढ़ा रुझान
महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री पर एक फीसदी की छूट मिलती है। इस कारण महिलाओं के नाम से रजिस्ट्री कराने का रुझान बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जहां 18,102 रजिस्ट्री महिलाओं के नाम से हुई थी, वहीं वर्ष 2022-23 में आंकड़ा बढ़कर 22,665 हो गया।