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राष्ट्रीय शिक्षा नीति से विश्वविद्यालयों को मिलेगा नया आयाम
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बीएचयू यूजीसी ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर की ओर से रविवार को आयोजित कुलपति शिखर सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरे मनोयोग के साथ क्रियान्वयन करने का संकल्प लिया गया। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति से भारतीय विश्वविद्यालयों को नया आयाम मिलेगा। नए आयाम स्थापित करने का यह नीति एक सुनहरा अवसर है।
उन्होंने बताया कि पूरे मनोयोग से नीति के क्रियान्वयन में सभी को सहयोग करना चाहिए। ऑनलाइन आयोजन में राज्यपाल ने कहा कि भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने उस समय स्वतंत्र रूप से संचालित राष्ट्रीय शिक्षा पर बल दिया था, जिस समय शिक्षा व्यवस्था में ठहराव सा आ गया था। शिक्षा को राष्ट्रीय स्वरूप और परिवेश के अनुरूप होना चाहिए। गुलामी के दौर में इसका अभाव था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कमी को दूर किया है। बीएचयू के चांसलर न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सही तरीके से लागू करने की जिम्मेदारी छात्रों और शिक्षकों पर है जिससे कि देश तरक्की के पथ पर अग्रसर हो।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने कहा कि नवाचार के साथ गुणात्मक सुधार की जरूरत है जिससे कि मानवता की सेवा हो सके। शोध की गुणवत्ता ही प्रगति के पथ पर ले जाने में सक्षम है। कुलपति शिखर सम्मेलन में असम केंद्रीय विश्वविद्यालय तेजपुर के कुलपति प्रो. वीके जैन, बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचएस राठौर, गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. आरएस दुबे, अरुणाचल केंद्रीय विश्वविद्यालय से प्रो. साकेत कुशवाहा आदि ने अपने सुझाव रखे।
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उन्होंने बताया कि पूरे मनोयोग से नीति के क्रियान्वयन में सभी को सहयोग करना चाहिए। ऑनलाइन आयोजन में राज्यपाल ने कहा कि भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने उस समय स्वतंत्र रूप से संचालित राष्ट्रीय शिक्षा पर बल दिया था, जिस समय शिक्षा व्यवस्था में ठहराव सा आ गया था। शिक्षा को राष्ट्रीय स्वरूप और परिवेश के अनुरूप होना चाहिए। गुलामी के दौर में इसका अभाव था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कमी को दूर किया है। बीएचयू के चांसलर न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सही तरीके से लागू करने की जिम्मेदारी छात्रों और शिक्षकों पर है जिससे कि देश तरक्की के पथ पर अग्रसर हो।
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अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने कहा कि नवाचार के साथ गुणात्मक सुधार की जरूरत है जिससे कि मानवता की सेवा हो सके। शोध की गुणवत्ता ही प्रगति के पथ पर ले जाने में सक्षम है। कुलपति शिखर सम्मेलन में असम केंद्रीय विश्वविद्यालय तेजपुर के कुलपति प्रो. वीके जैन, बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचएस राठौर, गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. आरएस दुबे, अरुणाचल केंद्रीय विश्वविद्यालय से प्रो. साकेत कुशवाहा आदि ने अपने सुझाव रखे।
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