{"_id":"5b2b53884f1c1b214d8b790a","slug":"korean-company-punished-for-illegal-mining-in-sonebhadra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सोनभद्रः अवैध खनन में कोरियन कंपनी पर गिरी गाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोनभद्रः अवैध खनन में कोरियन कंपनी पर गिरी गाज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 21 Jun 2018 12:58 PM IST
विज्ञापन
अवैध खनन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के सोनभद्र जिले में ओबरा सी के निर्माण के दौरान अवैध रूप से मिट्टी निकालने के मामले में कोरियन कंपनी दोसान पावर सिस्टम इंडिया लिमिटेड पर गाज गिरी है। कंपनी पर एक करोड़ 17 लाख रुपये जमा करने की आरसी जारी हुई है।
साथ ही अधिशासी अभियंता को कंपनी से यह धनराशि जल्द खनिज कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में कंपनी को इसी मामले में नोटिस जारी किया गया था।
कोरिया की दोसान पावर सिस्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ओबरा सी परियोजना का निर्माण करा रही है। विभाग को पता चला कि कंपनी ने बिना टेंडर के ही भारी मात्रा में मिट्टी निकाल लिया है।
विज्ञापन
खान विभाग के अफसरों ने टीम के साथ जांच की तो पता चला कि 3,98,406 घन मीटर अवैध रूप से मिट्टी निकाल कर इस्तेमाल किया गया है। विभाग ने पाया कि कंपनी के अफसरों और संबंधित ठेकेदारों ने 1,19,52,180 रुपये की रायल्टी चोरी की है।
रायल्टी के अलावा विभाग ने 5,97,60,900 रुपये खनिमुख जोड़ने के बाद कंपनी पर देनदारी तय की है।
विज्ञापन
साथ ही अधिशासी अभियंता को कंपनी से यह धनराशि जल्द खनिज कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में कंपनी को इसी मामले में नोटिस जारी किया गया था।
विज्ञापन
कोरिया की दोसान पावर सिस्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ओबरा सी परियोजना का निर्माण करा रही है। विभाग को पता चला कि कंपनी ने बिना टेंडर के ही भारी मात्रा में मिट्टी निकाल लिया है।
विज्ञापन
खान विभाग के अफसरों ने टीम के साथ जांच की तो पता चला कि 3,98,406 घन मीटर अवैध रूप से मिट्टी निकाल कर इस्तेमाल किया गया है। विभाग ने पाया कि कंपनी के अफसरों और संबंधित ठेकेदारों ने 1,19,52,180 रुपये की रायल्टी चोरी की है।
रायल्टी के अलावा विभाग ने 5,97,60,900 रुपये खनिमुख जोड़ने के बाद कंपनी पर देनदारी तय की है।
अवैध खनन
यह धनराशि जमा कराने के लिए कंपनी को नोटिस जारी किया गया। कंपनी के अफसरों ने धनराशि जमा तो नहीं कराई बल्कि पुनर्विचार के लिए आवेदन भेजा। कंपनी के आवेदन को अफसरों ने खारिज कर दिया। सोनभद्र जिलाधिकारी के हवाले से जारी आरसी में यथाशीघ्र बकाया जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
खान अधिकारी एसके दास ने कहा कि कंपनी ने बकाया धनराशि जमा कराने के लिए कंपनी को आरसी जारी की गई है। बताते चलें कि ओबरा सी के निर्माण के दौरान ठेकेदार अवैध खनन कर न सिर्फ पत्थर निकाल रहे हैं बल्कि उसे चोरी छिपे क्रशर प्लांटों पर भी बेचा जा रहा है।
प्रतिदिन कई टिपर बोल्डर चोरी करके राजस्व को क्षति पहुंचाई जा रही है। इसकी शिकायत अफसरों से भी की जा चुकी है। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बताते चले कि ओबरा सी के निर्माण के दौरान ठेकेदार अवैध खनन कर न सिर्फ पत्थर निकाल रहे हैं बल्कि उसे चोरी छिपे क्रशर प्लांटों पर भी बेचा जा रहा है। प्रतिदिन कई टिपर बोल्डर चोरी करके राजस्व को क्षति पहुंचाई जा रही है। इसकी शिकायत अफसरों से भी की जा चुकी है। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
खान अधिकारी एसके दास ने कहा कि कंपनी ने बकाया धनराशि जमा कराने के लिए कंपनी को आरसी जारी की गई है। बताते चलें कि ओबरा सी के निर्माण के दौरान ठेकेदार अवैध खनन कर न सिर्फ पत्थर निकाल रहे हैं बल्कि उसे चोरी छिपे क्रशर प्लांटों पर भी बेचा जा रहा है।
प्रतिदिन कई टिपर बोल्डर चोरी करके राजस्व को क्षति पहुंचाई जा रही है। इसकी शिकायत अफसरों से भी की जा चुकी है। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बताते चले कि ओबरा सी के निर्माण के दौरान ठेकेदार अवैध खनन कर न सिर्फ पत्थर निकाल रहे हैं बल्कि उसे चोरी छिपे क्रशर प्लांटों पर भी बेचा जा रहा है। प्रतिदिन कई टिपर बोल्डर चोरी करके राजस्व को क्षति पहुंचाई जा रही है। इसकी शिकायत अफसरों से भी की जा चुकी है। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।