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बीज शोधन के लिए किसानों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
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वाराणसी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक और बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. पंजाब सिंह के नेतृत्व में कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों की टीम ने शनिवार को जिले के गांव का दौरा किया। टीम ने किसानों को वैज्ञानिक खेती करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। इस दौरान किसानों को बीज शोधन के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थाओं में प्रशिक्षण के लिए भेजे जाने का निर्णय लिया गया।
राजातालाब तहसील के बंगालीपुर गांव में हुई बैठक में प्रो. पंजाब सिंह ने किसानों के चहुमुखी विकास के लिए कृषि को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों के स्वास्थ्य और उनके बच्चों की शिक्षा के साथ ही रोजगार पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कृषि उत्पादक संगठनों द्वारा किसानों का क्लस्टर बनाकर उनके कृषि उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने की बात कही। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. शिवराज सिंह ने कृषि में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर बेहतर खेती करने पर बल दिया।
बीएचयू के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुमार सिंह ने औषधीय पौधों और उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। आईआईवीआर के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. नीरज सिंह ने समूह खेती करने पर जोर दिया। इस दौरान किसानों में सहजन के पौधों का वितरण किया गया। निरीक्षण करने वाली टीम में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश सिंह, डॉ. उमेश सिंह, दशरथ सिंह, तुषार कांत, मधुकर पटेल, आदर्श कुमार आदि मौजूद रहे।
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राजातालाब तहसील के बंगालीपुर गांव में हुई बैठक में प्रो. पंजाब सिंह ने किसानों के चहुमुखी विकास के लिए कृषि को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों के स्वास्थ्य और उनके बच्चों की शिक्षा के साथ ही रोजगार पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कृषि उत्पादक संगठनों द्वारा किसानों का क्लस्टर बनाकर उनके कृषि उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने की बात कही। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. शिवराज सिंह ने कृषि में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर बेहतर खेती करने पर बल दिया।
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बीएचयू के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुमार सिंह ने औषधीय पौधों और उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। आईआईवीआर के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. नीरज सिंह ने समूह खेती करने पर जोर दिया। इस दौरान किसानों में सहजन के पौधों का वितरण किया गया। निरीक्षण करने वाली टीम में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश सिंह, डॉ. उमेश सिंह, दशरथ सिंह, तुषार कांत, मधुकर पटेल, आदर्श कुमार आदि मौजूद रहे।
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