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पशुओं और फसलों पर भी मार

Wed, 30 Mar 2016 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी Updated Wed, 30 Mar 2016 01:52 AM IST
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Killed livestock and crops
रमना में धुएं का दंश
रमना में कूड़े से उठता धुआं न केवल ग्रामीणों की सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है बल्कि फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। विषैले धुएं की वजह से कूड़ा डंपिंग जोन के आसपास के गांवों के हजारों लोग चौबीसों घंटे मुंह ढंककर रहने को विवश हैं। जब हवा तेज चलती है तो धुएं का विस्तार दूर गांव तक होता है। फिलहाल रमना, नैपुरा, डाफी, नरोत्तमपुर और सीर गोवर्धन गांव के पंद्रह हजार से अधिक लोग रमना में कूड़े से उठते धुएं से परेशान हैं। सैकड़ों लोग तो खांसी और श्वांस रोग का उपचार करा रहे हैं। सब्जी और फलों की पैदावार पर भी विषैले धुएं का असर पड़ा है। मवेशी भी बीमारियों की चपेट में हैं।
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नगर निगम ने तीन साल पहले रमना में कूड़ा डंपिंग स्टेशन बनाया। शहर से निकलने वाला कूड़ा-कचरा यहीं डंप होता है। पूरे दिन कूड़ा लदी गाड़ियों की आवाजाही इस इलाके में लगी रहती है। डंपिंग स्टेशन के आसपास रहने वालों का कहना है कि शुरू में एक साल तो कूड़े का असर नहीं हुआ मगर जैसे-जैसे कूड़ा बढ़ता गया, हवा में उसकी दुर्गंध फैलने लगी। मुश्किल भरे हालात तब हो जाते हैं जब कूड़े में आग लग जाती है। कई दफा निगम कर्मियों को मना किया गया मगर गांव वालों की एक नहीं चली। कूड़े से उठता धुआं इतना विषैला है कि दो मिनट भी आप खुली हवा में सांस नहीं ले सकते। घुटन होने लगती है। बताया कि दो दिनों से थोड़ी राहत है क्यों कि जहां से धुआं उठ रहा था वहां पानी का छिड़काव किया गया है।
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रमना इलाके में आधा दर्जन से अधिक मुर्गी पालन केंद्र हैं मगर पिछले एक साल से इन केंद्रों की स्थिति खराब है। दो केंद्र तो बंद हो गए। इसकी वजह है कूड़ा डंपिंग ग्राउंड से उठने वाला विषैला धुआं। मुर्गी पालन केंद्र के संचालक गुलाब पटेल बताते हैं, तीन साल पहले उनके केंद्र पर दो हजार चूजे थे। अब डेढ़ हजार ही बचे हैं। एक साल में पांच सौ से अधिक चूजों की मौत हो गई। विषैले धुएं के चलते उन्हें अपना केंद्र बंद करना पड़ा। नगर निगम के अधिकारियों से इसकी शिकायत की गई मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसा केवल उनके साथ नहीं हुआ। आसपास जितने भी पोल्ट्री फार्म है कमोवेश सबकी स्थिति एक जैसी ही है।
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रमना कूड़ा प्लांट से उठ रहे धुएं से सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास मंदिर को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। मंदिर के प्रबंधक ज्ञानचंद का कहना है कि धुएं की वजह से मंदिर की बाहरी दीवार पर काला धब्बा पड़ सकता है। साथ ही मंदिर के स्वर्ण जड़ित गुंबद की चमक भी फीकी पड़ सकती है। बताया कि मंदिर के अतिथि गृह से लगभग आठ सौ मीटर की दूरी पर रमना कूड़ा प्लांट है। उधर, मंदिर के अतिथि कक्ष मेें रुके जालंधर से आए संत रविदास के अनुयायी राजकुमार ने कहा कि  हवा में दुर्गंध इस कदर है कि रात को कमरे में दम घुटने लग रहा है। ऐसी ही शिकायत पंजाब से आए ताराचंद, हरियाणा के भूषणलाल और अंबाला से आए मनोज कुमार की भी थी।



नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, तहसीलदार, मुख्य अभियंता तथा नगर स्वास्थ्य अधिकारी प्रत्येक कार्यदिवस पर नगर निगम स्थित अपने-अपने कार्यालय में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनता से मिलने के लिए उपस्थित रहें। महापौर राम गोपाल मोहले ने मंगलवार को यह आदेश दिया। उन्होंने कहा कि 12 बजे से दोपहर बाद दो बजे तक जनप्रतिनिधियों से मिलने के लिए सभी अधिकारी अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। महापौर ने निर्देश दिया कि उपरोक्त सभी अधिकारी अपनी बैठक कैंप कार्यालय में करने के बजाय नगर निगम में ही आयेाजित करें। इस आदेश के अनुपालन से नगर की जनता और जनप्रतिनिधियों से न केवल संवाद कायम रहेगा बल्कि समस्याओं का त्वरित निस्तारण भी हो सकेगा।
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