वाराणसी: टूटते रिश्तों को जोड़ रही खाकी, महिला सहायता प्रकोष्ठ में आए 786 मामलों का निस्तारण
पिछले साल भर में महिला सहायता प्रकोष्ठ में आए 786 मामलों का निस्तारण किया गया। 151 ऐसे भी मामले रहे जिसमें समझौते के दौरान परिवार अनुपस्थित रहा। 307 केस न्यायालय मीडिएशन में चल रहे हैं।
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छोटी-छोटी बातों पर पति और पत्नी के बीच टूटते रिश्तों को जोड़ने का काम खाकी कर रही है। कमिश्नरेट पुलिस के महिला सहायता प्रकोष्ठ में पति और पत्नी के बीच आए खटास को दूर किया जा रहा है। पिछले साल भर में महिला सहायता प्रकोष्ठ में आए 786 मामलों का निस्तारण किया गया।
इसमें दो सौ से अधिक ऐसे परिवार की काउंसिलिंग की गई, जो छोटी-छोटी बातों पर दूरी बना रखे थे। 151 ऐसे भी मामले रहे जिसमें समझौते के दौरान परिवार अनुपस्थित रहा। 307 केस न्यायालय मीडिएशन में चल रहे हैं। 34 प्रार्थना पत्र पर बात नहीं बनी तो थाने तक पहुंचे, जिनमें मामला दर्ज किया गया है।
केस एक
सास, बहू के विवाद को सुलझाया
शिवपुर की रहने वाली अनामिका की शादी फूलपुर निवासी रमेश से हुई। शादी के कुछ ही माह बाद अनामिका के फोन चलाने को लेकर ससुराल में विवाद होने लगा। ससुराल वालों ने उसे मायके भेज दिया। अनामिका के घर वालों ने महिला प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई। यहां की टीम दोनों परिवारों को बुलाकर समझाया और आठ महीने बाद सास और बहू में समझौता कराया। अनामिका अब अपने ससुराल वालों के साथ खुश है।
केस दो
तीन बार काउंसिलिंग के बाद एक हुए पति-पत्नी
आजमगढ़ की रहने वाली शिवांगी की शादी सारनाथ के तिलमापुर में रहने वाले मनीष से हुई थी। शादी के छह माह बाद ही पति-पत्नी में किसी बात को लेकर आपसी मतभेद हो गया। मामला महिला प्रकोष्ठ पहुंच गया। इस मामले में महिला प्रकोष्ठ की कार्यवाहक प्रभारी गीता सिंह ने पति और पत्नी की तीन बार काउंसिलिंग कराई और चौथी बार में पति और पत्नी एक दूजे के फिर से हो गए। दोनों एक दूसरे के साथ खुशहाल जीवन जी रहे हैं।
केस तीन
पति व पत्नी के मतभेद का किया निस्तारण
कोतवाली निवासी एक दंपती आपसी मतभेद को लेकर महिला प्रकोष्ठ पहुंचे। पति का कहना था पत्नी बेवजह उस पर शक करती है। फोन चेक करती है और फोन को लेकर लड़ाई भी करती है। महिला का कहना था, उसे लगता है शादी के बाद भी उसके पति का किसी और से चक्कर है। पति काम करने के बहाने को लेकर दिन भर फोन पर बात करता है। महिला प्रकोष्ठ की टीम ने दो बार काउंसिलिंग कर दोनो में समझौता कराया।
महिला सहायता प्रकोष्ठ में आने वाले प्रार्थना पत्रों की जांच कराई जाती है। पति और पत्नी सहित उनके परिवार वालों को बुलाकर उनकी काउंसिलिंग कराई जाती है, कोशिश होती है कि परिवार उजड़े नहीं बल्कि फिर से बस जाए। - सुभाष चंद्र दुबे, अपर पुलिस आयुक्त, अपराध व मुख्यालय