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दहशत और डर के साए में गुजरा एक-एक पल
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 16 Jul 2016 02:04 AM IST
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अमरनाथ यात्रा से लौटे लोग
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‘बड़ा खौफनाक मंजर था...। हर आहट पर धड़कनें तेज हो जाती थीं...। हर पल डर और दहशत के साए में गुजरता था...। ऐसे में दो रातें और तीन दिन कैसे बिताए, इसे बयां करना मुश्किल है। बस, इतना है कि बाबा बर्फानी का नाम जपते रहे और मन में विश्वास कायम रखा कि भोलेनाथ हमारी रक्षा करेंगे...।’ ये कहना है अमरनाथ यात्रा के बाद शुक्रवार को सकुशल घर लौटे नगर निगम के पार्षद विनोद भारद्वाज, सत्य प्रकाश कौशिक, अजय गुप्ता, अमरदेव यादव और पूर्व पार्षद राजेश केशरी का। वे सुबह वाराणसी पहुंचे तो घर वालों की खुशी का ठिकाना न रहा। परिचित-रिश्तेदार उनका हाल जानने पहुंचते रहे।
विनोद भारद्वाज ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के लिए नौ जुलाई को निकले थे। अगले दिन सुबह लौटते समय घाटी की खूबसूरत फिजा में नफरत की तल्खी घुल चुकी थी। घाटी में भड़की हिंसा से हम लोगों को सुरक्षित रखने के लिए पहलगाम में ही एक गुरुद्वारे में ठहराया गया। पूरा कर्फ्यू जैसा माहौल था।
दो रात तीन दिन तक गुरुद्वारे और पहलगाम बेसमेंट में बिताना मुश्किल हो गया था। सत्य प्रकाश कौशिक, अजय गुप्ता और अमरदेव यादव ने कहा 11 जुलाई को सेना की सुरक्षा में मां वैष्णो देवी के लिए रवाना हुए। 12 को सेना ने बलियान के पास छोड़ दिया। वहां से वैष्णो देवी का दर्शन करने गए। ट्रेन लेट होने के कारण गुरुवार की भोर में अर्चना एक्सप्रेस से काशी के लिए रवाना हुए, तब राहत की सांस ली। दूसरी ओर लहरतारा के पवन गुप्ता, सत्यप्रकाश जायसवाल, तरुण पटेल, सतीश, दीपक, शैलेश सिंह पटेल, बल्लू और विजय जायसवाल भी शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा से सकुशल लौट आए। पवन ने बताया कि उन लोगाें के सारा सामान मालटाल में ही छूट गया है। इसे वापस पाने के लिए ट्रैवेल एजेंसी से सपंर्क किया जा रहा है।
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विनोद भारद्वाज ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के लिए नौ जुलाई को निकले थे। अगले दिन सुबह लौटते समय घाटी की खूबसूरत फिजा में नफरत की तल्खी घुल चुकी थी। घाटी में भड़की हिंसा से हम लोगों को सुरक्षित रखने के लिए पहलगाम में ही एक गुरुद्वारे में ठहराया गया। पूरा कर्फ्यू जैसा माहौल था।
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दो रात तीन दिन तक गुरुद्वारे और पहलगाम बेसमेंट में बिताना मुश्किल हो गया था। सत्य प्रकाश कौशिक, अजय गुप्ता और अमरदेव यादव ने कहा 11 जुलाई को सेना की सुरक्षा में मां वैष्णो देवी के लिए रवाना हुए। 12 को सेना ने बलियान के पास छोड़ दिया। वहां से वैष्णो देवी का दर्शन करने गए। ट्रेन लेट होने के कारण गुरुवार की भोर में अर्चना एक्सप्रेस से काशी के लिए रवाना हुए, तब राहत की सांस ली। दूसरी ओर लहरतारा के पवन गुप्ता, सत्यप्रकाश जायसवाल, तरुण पटेल, सतीश, दीपक, शैलेश सिंह पटेल, बल्लू और विजय जायसवाल भी शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा से सकुशल लौट आए। पवन ने बताया कि उन लोगाें के सारा सामान मालटाल में ही छूट गया है। इसे वापस पाने के लिए ट्रैवेल एजेंसी से सपंर्क किया जा रहा है।
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