काशी विश्वनाथ मंदिर के विशिष्ट क्षेत्र का मास्टर प्लान अलग से होगा तैयार
मंदिर कॉरिडोर बनाने के लिए शासन ने वाराणसी विकास प्राधिकरण के दो वार्ड के 15 मोहल्लों को अलग कर इनके लिए श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र परिषद का गठन किया है। विशिष्ट क्षेत्र परिषद के सीईओ की ओर से पत्र लिखकर इस इलाके को वीडीए के मास्टर प्लान से अलग करने के लिए कहा गया था।
इस पर प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने विशिष्ट क्षेत्र के लिए अलग से महायोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें आवासीय, व्यावसायिक, धर्मस्थल, हरित क्षेत्र आदि शासन की ओर से ही तय किए जाएंगे।
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि प्रमुख सचिव आवास से चर्चा हुई है। उन्होंने इस विशिष्ट क्षेत्र परिषद का जल्द ही अलग से मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है।
भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए बढ़ाई मजदूरों की संख्या
वहीं इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मात्र 14 दिन शेष है। ऐसे में समय कम और काम अधिक होने की वजह से मजदूरों की संख्या बढ़ाई गई है। हादसे की आशंका से निपटने के लिए एनडीआरएफ भी तैनात कर दी गई हैं।
श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनाने के लिए तय की गई 25 हजार वर्ग मीटर भूमि में से कुल 296 भवनों को खरीदना है। इनमें से करीब 65 प्रतिशत भवन खरीद लिए गए हैं। इस समय 60 जगहों पर भवनों के तोड़ने का काम चल रहा है। इस काम में 600 से अधिक मजदूर लगाए गए हैं।
एक मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, लेखपाल के अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है, जो तोड़ने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही है। मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि संकीर्ण गलियां और पुराने जर्जर मकानों की वजह से ही एनडीआरएफ को भी तैनात किया गया है।