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काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का नक्शा तैयार, 4 चरणों में होगा निर्माण, यहां से शुरू होगा काम

Wed, 14 Nov 2018 03:32 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 14 Nov 2018 03:32 PM IST
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Kashi vishwanath temple corridor map ready and corridor will be built in four phases

प्रस्तावित काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का नक्शा अहमदाबाद की कंसलटेंट कंपनी ने शुक्रवार को मंदिर प्रशासन को सौंप दिया। इससे पहले अधिकारियों के साथ बैठक में इस पर चर्चा हुई। प्रस्तावित रूपरेखा के अनुसार कुल चार चरणों में निर्माण कार्य होगा। प्रथम और तीसरे चरण का काम पहले शुरू होगा।

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पहले चरण में मंदिर और आस-पास का इलाका, जबकि तीसरे चरण में गंगा घाट के किनारा शामिल है। इसमें पहले चरण का काम इसलिए शुरू किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिलनी शुरू हो जाए, जबकि तीसरे चरण के काम से गंगा की ओर से कॉरिडोर दिखने लगेगा।
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वहीं दूसरे और चौथे चरण का निर्माण जहां होना है, वहां घनी अबादी क्षेत्र है और यहां भवनों की खरीद और ध्वस्तीकरण का काम अभी होना है। इसलिए दूसरे और चौथे चरण का काम बाद में शुरू किया जाएगा। इस ब्लूप्रिंट से कॉरिडोर की स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है। मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि जल्द ही कंपनी अब कॉरिडोर का फाइनल नक्शा बनाकर सौंपेगी। 

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24 करोड़ से संवरेंगे दो पुस्ताकालय

मंदिर कॉरिडोर में आने वाले दो पुराने पुस्तकालयों को संवारने का कार्य किया जाएगा। इस पर कुल 24 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह कार्य सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किया जा रहा है। ये दोनों पुस्ताकालय परिसर से सटे हुए हैं।

इसमें से एक लाइब्रेरी डिजिटल होगी। वहीं करमाइकल लाइब्रेरी शिफ्ट की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार इस लाइब्रेरी का मूल्यांकन हो चुका है। उसके पास ही आधुनिक पुस्तकालय बनाया जाएगा। पुरातन गोयनका पुस्तकालय अपने स्थान पर रहेगा, लेकिन उसका लुक बदला जाएगा और सुविधाएं बढ़ जाएंगी।

वहीं कॉरिडोर के तीसरे चरण में गंगा के किनारे का इलाका शामिल किया गया है। इसमें नेपाली मंदिर से लेकर ललिता घाट, जलासेन घाट और मणिकर्णिका घाट के आगे सिंधिया घाट तक का हिस्सा शामिल हैं। यह करीब एक किमी लंबा है। जहां से श्रद्घालु स्नान करके आसानी से मंदिर तक दर्शन पूजन करने के लिए जा सकेंगे। 

मंदिर कॉरिडोर एक नजर में

- 25 हजार वर्ग मीटर में रहेगा कॉरिडोर
- 296 भवनों को खरीदना है
- 227 निजी संपत्तियां हैं 
- 168 की हो चुकी रजिस्ट्री
- 31 सेवइत के भवन
- 11 का हुआ राजीनामा 
- 13 मंदिर का होना है अधिग्रहण
- 5 परिसंपत्तियां नगर निगम की 
- 21 परिसंपत्तियां ट्रस्टों की हैं 
- 90 भवनों का चल रहा ध्वस्तीकरण 
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