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Kashi Vishwanath EXCLUSIVE: काशी विश्वनाथ मंदिर की मंगला आरती है अद्भुत, जानिए,कैसे और कितने में बुक करें टिकट
Tue, 06 Dec 2022 09:55 AM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Tue, 06 Dec 2022 09:55 AM IST
सार
काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा की सप्तर्षि आरती शाम को होती है। सप्तर्षि आरती का समय शाम को 6:45 बजे से 8:15 बजे तक होता है। इसके लिए भी मंदिर न्यास की ओर से 180 रुपये का शुल्क निर्धारित है।
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श्री काशी विश्वनाथ धाम।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
‘जगाय हारी भोले बाबा ना जागे, गंगा जगावें, यमुना जगावें, त्रिवेणी जगावें लहर मारी, भोले बाबा ना जागे जगाय हारी... की मधुर तान पर नाथों के नाथ बाबा विश्वनाथ नींद से जाग जाते हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर में अर्चक भोर में होने वाली मंगला आरती की शुरुआत से पहले गीत गाकर बाबा विश्वनाथ को जगाते हैं। इसके साथ ही मंगला आरती से काशी की सुबह आरंभ हो जाती है। श्रद्धालु मंदिर के काउंटर या फिर काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के ऐप से मंगला आरती का टिकट बुक करके आरती में शामिल हो सकते हैं।
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मंगला आरती में शामिल होने के लिए मंदिर न्यास की ओर से 350 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर में रात 2:45 बजे से मंगला आरती के अनुष्ठान आरंभ होते हैं। भोर में तीन बजे से चार बजे तक मंगला आरती का समय निर्धारित है। हालांकि श्रद्धालुओं को दो बजे से ही प्रवेश करना होता है, जिससे वह अपना स्थान ग्रहण कर सकें। आरती से पहले गर्भगृह से रात के शृंगार को हटाया जाता है, उसके बाद उनके खड़ाऊं, पलंग, दूध के पात्र को हटाया जाता है। बाबा जब नींद से जागते हैं तो सबसे पहले उन्हें दूध का भोग लगाया जाता है। इसके बाद उन्हें जल, दूध, घी, दही, शहद और पंचामृत से स्नान कराया जाता है। षोडशोपचार विधि से पूजन के बाद फूलों से शृंगार कर बाबा को भस्म अर्पित कर आरती उतारी जाती है। ढाई घंटे की आरती के बाद बाबा का कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाता है।
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बाबा दरबार में उमड़ेश्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
मध्याह्न भोग आरती
मंगला आरती के बाद बाबा की मध्याह्न भोग आरती दिन में 11:15 बजे से आरंभ होती है। इसके लिए मंदिर न्यास की ओर से 180 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। मंदिर के हेल्प डेस्क, वेबसाइट या फिर ऐप से भोग आरती का टिकट कटाकर इसमें शामिल हो सकते हैं।
सप्तर्षि आरती
काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा की सप्तर्षि आरती शाम को होती है। सप्तर्षि आरती का समय शाम को 6:45 बजे से 8:15 बजे तक होता है। इसके लिए भी मंदिर न्यास की ओर से 180 रुपये का शुल्क निर्धारित है।
शृंगार व भोग आरती
रात्रि में बाबा विश्वनाथ की शृंगार व भोग आरती के बाद बाबा विश्राम करते हैं। इसके लिए रात्रि में नौ बजे से 10:15 बजे तक का समय निर्धारित किया
गया है। इसमें शामिल होने के लिए 180 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।
मंगला आरती के बाद बाबा की मध्याह्न भोग आरती दिन में 11:15 बजे से आरंभ होती है। इसके लिए मंदिर न्यास की ओर से 180 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। मंदिर के हेल्प डेस्क, वेबसाइट या फिर ऐप से भोग आरती का टिकट कटाकर इसमें शामिल हो सकते हैं।
सप्तर्षि आरती
काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा की सप्तर्षि आरती शाम को होती है। सप्तर्षि आरती का समय शाम को 6:45 बजे से 8:15 बजे तक होता है। इसके लिए भी मंदिर न्यास की ओर से 180 रुपये का शुल्क निर्धारित है।
शृंगार व भोग आरती
रात्रि में बाबा विश्वनाथ की शृंगार व भोग आरती के बाद बाबा विश्राम करते हैं। इसके लिए रात्रि में नौ बजे से 10:15 बजे तक का समय निर्धारित किया
गया है। इसमें शामिल होने के लिए 180 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।