अप्रैल 2021 तक बनेगा श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, शहर के हर वार्ड बनेंगे स्मार्ट
शहर के सुनियोजित विकास के लिए शनिवार को वाराणसी विकास समिति की बैठक संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के योग साधना केंद्र में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे धर्मार्थ कार्य, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने महत्वाकांक्षी योजना बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर धाम को वर्ष 2021 अप्रैल तक पूरी कर लिए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा है कि शहर में विकास के बहुत काम हो चुके हैं, शेष काम पूरा होते ही शहर को संवारने की योजना है।
काशी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काशी के विकास पर पूरा ध्यान है। गलियों के शहर बनारस की गली, पक्के महाल और वार्ड को स्मार्ट बनाने का काम शुरू किया गया है। कालभैरव वार्ड से इसकी शुरुआत की गई है।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित वाराणसी विकास समिति की बैठक में बोलते हुए मंत्री नीलकंठ तिवारी ।
गलियों में सीवर व पानी के पाइप का नया कनेक्शन लगेगा। पुरानी सीवर और पेयजल लाइनें हटाई जाएंगी और हर वार्ड को स्मार्ट बनाने पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कामेश्वर महादेव वार्ड का कार्य अगले माह से शुरू होगा।
डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया है कि गंगा में चलने वाली नावों को सीएनजी से चलाने और इसके लिए भैंसासुर घाट से खिड़किया घाट के बीच सीएनजी स्टेशन बनाया जा रहा है। सामने घाट से गड़वाघाट की सड़क चौड़ी होगी और पंचक्रोशी के पांचों पड़ाव का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
मुख्य अतिथि संपूर्णानंद संस्कृत विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय के उन्नयन के लिए वाराणसी सहित देश के औद्योगिक घरानों को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से विद्यालय को केंद्रीय स्वरूप के लिए अनापत्ति देने का आग्रह किया।
वाराणसी विकास समिति के अध्यक्ष आरके चौधरी ने ट्रैफिक में सुधार के लिए भेलूपुर पानी टंकी के पीछे की रोड व नाली, सिगरा-महमूरगंज मार्ग, कैंट स्टेशन के सामने यूनियन बैंक के बगल से मलदहिया मार्ग को वाहनों के चलने लायक बनाने और लहरतारा फ्लाईओवर तुरंत चालू कराने पर बल दिया।
समिति के संरक्षक पत्रकार आलोक मिश्र ने कहा कि शहर के विकास के लिए विभागों का आपसी समन्वय जरूरी है। वाराणसी विकास समिति की एक फॉलोअप टीम गठित होनी चाहिए। समिति के संरक्षक पत्रकार मुकेश सिंह ने योजनाओं को समय पूरा कराने की बात कही।
वरिष्ठ साहित्यकार डा. रामसुधार सिंह ने साहित्यकारों के आवासों को राज्य सरकार स्मारक का दर्जा देने का सुझाव दिया। वरिष्ठ साहित्यकार जीतेन्द्र नाथ मिश्र ने सड़कों के साथ गलियों की सुधि लेने, डॉ केवीपी सिंह ने खाली प्लाट को कूड़ा घर बनाये जाने पर रोक लगाने का सुझाव दिया। समिति के उपाध्यक्ष आरसी जैन ने कैंसर अस्पताल को एंबुलेंस देने की घोषणा की। बैठक का संचालन राजेंद्र दूबे और धन्यवाद बजरंग सिंह राठौर ने किया। इस दौरान शिव कुमार शुक्ल, सुधारक महिला शिक्षण समूह के अध्यक्ष प्रभुनारायण दूबे, सतीश चन्द्र मिश्रा, प्रेम मिश्रा, श्रीनारायण खेमका, दीपक बजाज, राजेश भाटिया, केके श्रीवास्तव, राहुल मेहता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
पिछली बैठक के प्रस्ताव पर जल्द होगा अमल
वाराणसी विकास समिति की पिछली बैठक में पारित प्रस्तावों को 15 जनवरी 2020 तक पूरा कराने का आश्वासन दिया। इसमें तालाब व पौराणिक कुंडों के रखरखाव, वरुणा कॉरिडोर को उपयोगी बनाने, संगीत व साहित्य तीर्थ विकसित करने, बेनियाबाग-कबीरचौरा मार्ग स्थित मातृ अस्पताल व पांडेयपुर-पंचक्रोशी मार्ग स्थित सुधाकर महिला शिक्षण संस्थान समूह की बाउंड्रीवाल शीघ्र पीछे कराने, पंचक्रोशी परिक्रमा व पावन पथ पर काम में तेजी लाने, शहर में ग्रीन कॉरिडोर बनाने, शहर में ट्रकों के आवागमन के लिए विकल्प न होने के कारण जर्जर क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक कराना शामिल है।
विकल्प मार्गों को बेहतर बनाने का सुझाव
शहर के सात संपर्क मार्गों चेतमणि चौराहा, शंकुलधारा पोखरे होते हुए कमच्छा पॉवर हाउस, शंकुलधारा से सुन्दरपुर मार्ग, संकटमोचन से साकेत नगर होते हुए सुन्दरपुर मार्ग, यूपी कॉलेज से भोजूबीर होते हुए महावीर मंदिर मार्ग, चंदुआ सट्टी, सिंचाई विभाग कॉलोनी, नगर निगम होते सिगरा, नक्खी घाट से अशोक विहार चौराहा पहाड़िया, नदेसर -धोबीघाट होते हुए आईजी कार्यालय मार्ग समेत अन्य बाईपास मार्गों को ठीक कराने का सुझाव दिया गया