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काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर , ध्वस्तीकरण से निकले पत्थर होंगे संरक्षित
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 09 Oct 2018 05:09 PM IST
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- फोटो : amarujala
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श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के पास चल रहे ध्वस्तीकरण में निकलने वाले पत्थरों को संरक्षित करने की योजना तैयार हो रही है। पत्थरों के पुरातात्विक महत्व को देखते हुए उन्हें संरक्षित रखने के लिए संग्रहालय भी बनाया जाएगा। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने इस बारे में निर्देश दिए हैं पत्थरों को मलवे में न फेंका जाए। पत्थरों को साफ करके पहले जांच लिया जाए कि उन पर नक्काशी तो नहीं है।
सोमवार की देर रात हुई बैठक में डीएम ने मंदिर के सीईओ विशाल सिंह से कहा कि मंदिर के आसपास जो भी भवन टूट रहे हैं, वह कई सौ साल पुराने हैं। उनको गिराने के लिए चल रहे कार्य में निकलने वाले पुराने पत्थरों की पहले सफाई करें।
पहले के पत्थरों पर नक्काशी के अलावा कई ऐसी जानकारी भी होती हैं, जो इतिहास की गवाह होती हैं। अगर यह धरोहर मलबे में चली गई तो बेकार हो जाएगी। जांच कराकर ऐसे पत्थरों को एक जगह रखें। बाद में संग्रहालय बनवाकर उसमें सभी पुरातात्विक पत्थरों को सजा कर रखा जाएगा।
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सोमवार की देर रात हुई बैठक में डीएम ने मंदिर के सीईओ विशाल सिंह से कहा कि मंदिर के आसपास जो भी भवन टूट रहे हैं, वह कई सौ साल पुराने हैं। उनको गिराने के लिए चल रहे कार्य में निकलने वाले पुराने पत्थरों की पहले सफाई करें।
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पहले के पत्थरों पर नक्काशी के अलावा कई ऐसी जानकारी भी होती हैं, जो इतिहास की गवाह होती हैं। अगर यह धरोहर मलबे में चली गई तो बेकार हो जाएगी। जांच कराकर ऐसे पत्थरों को एक जगह रखें। बाद में संग्रहालय बनवाकर उसमें सभी पुरातात्विक पत्थरों को सजा कर रखा जाएगा।
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पांच विशेषज्ञों ने देखा कॉरिडोर का प्रजेंटेशन
मंदिर कॉरिडोर के लिए चयनित दो कंपनियों का प्रेजेंटेशन सोमवार शाम वीडीए सभागार में हुआ। मंदिर के सीईओ सहित पांच अन्य विशेषज्ञ इस प्रजेंटेशन को देखकर कंपनियों को अंक देंगे। इसके बाद इनमें से एक कंपनी तय की जाएगी। इसके साथ ही कंपनियों का फाइनेंशियल बिड भी खोलने की तैयारी है।
कॉरिडोर के निर्माण के लिए तय किए जा रहे कंसलटेंट की लिस्ट में चयनित प्लानर इंडिया व गुजरात के आर्किटेक्ट कंपनी का प्रजेंटेशन हुआ। प्रेजेंटेशन में दोनों कंपनियों की ओर से मंदिर कॉरिडोर के स्वरूप, इसकी भव्यता सहित कई अन्य बिंदुओं को प्रदर्शित किया।
पांच सदस्यीय टीम ने कंपनियों की ओर से बनाए गए नक्शे को परखा। कॉरिडोर के तहत प्रवेश द्वार, बनने वाले हाल, विश्राम गृह, यज्ञशाला, कार्यालय का निर्माण होना है।
कॉरिडोर के निर्माण के लिए तय किए जा रहे कंसलटेंट की लिस्ट में चयनित प्लानर इंडिया व गुजरात के आर्किटेक्ट कंपनी का प्रजेंटेशन हुआ। प्रेजेंटेशन में दोनों कंपनियों की ओर से मंदिर कॉरिडोर के स्वरूप, इसकी भव्यता सहित कई अन्य बिंदुओं को प्रदर्शित किया।
पांच सदस्यीय टीम ने कंपनियों की ओर से बनाए गए नक्शे को परखा। कॉरिडोर के तहत प्रवेश द्वार, बनने वाले हाल, विश्राम गृह, यज्ञशाला, कार्यालय का निर्माण होना है।