फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Kashi in 2047: Experts deliberate on its role in a developed India and offer suggestions to policymakers.

2047 की काशी : विकसित भारत में भूमिका पर विशेषज्ञों ने किया मंथन, नीति-निर्माताओं को दिया सुझाव

Thu, 23 Jul 2026 01:49 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2026 01:49 AM IST
विज्ञापन
Kashi in 2047: Experts deliberate on its role in a developed India and offer suggestions to policymakers.
काशी जेसीज़ चैरिटेबल ट्रस्ट ने 2047 की काशी : विकसित भारत के निर्माण में काशी की भूमिका विषय पर अपनी पहली राउंड टेबल मीट का आयोजन किया। सिगरा स्थित एक होटल में हुई बैठक में विशेषज्ञों के सुझावों को नीति-निर्माताओं तक पहुंचाया गया। इसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने भाग लिया। बैठक में आर्किटेक्ट श्याम लाल सिंह, पत्रकार विश्वनाथ गोकर्ण, उद्योगपति राजीव जैपुरिया और सुबह-ए-बनारस के संस्थापक रत्नेश वर्मा शामिल हुए।
विज्ञापन

ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी अनिल के. जाजोदिया ने कहा कि काशी भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान है। उन्होंने विकसित भारत के लिए काशी की विशिष्ट पहचान बनाए रखने पर जोर दिया। समिति अध्यक्ष पी. के. अग्रवाल ने काशी की प्रगति और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जनसंख्या वृद्धि, शहरी प्रबंधन और रोजगार सृजन जैसी समस्याओं पर चिंतन की आवश्यकता बताई। रत्नेश वर्मा ने कहा कि काशी की पहचान उसकी विरासत और सांस्कृतिक जीवनशैली में है। उन्होंने विकास परियोजनाओं में सांस्कृतिक प्रभाव मूल्यांकन को अनिवार्य बताया। विश्वनाथ गोकर्ण ने कहा कि काशी का विकास केवल पर्यटन केंद्रित नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्थानीय नागरिकों की आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। विरासत और नागरिक मिलकर ही काशी की वास्तविक पहचान बनाते हैं। राजीव जैपुरिया ने शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास को विकसित काशी का आधार बताया। उन्होंने पारंपरिक उद्योगों के पुनरुद्धार और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
विज्ञापन

2047 के लिए तैयार हो मास्टर विजन डॉक्यूमेंट
श्याम लाल सिंह ने वर्ष 2047 के लिए काशी का दीर्घकालिक मास्टर विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने पर बल दिया। बैठक के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की। उन्होंने शहर की विरासत और संस्कृति से जुड़े प्रकल्पों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। पारंपरिक उद्योगों के पुनर्जीवन और स्थानीय नागरिकों की सुविधाओं पर ध्यान देने की मांग की गई। ट्रस्ट सचिव पंकज अग्रवाल ने बताया कि प्राप्त सुझावों को संबंधित विभागों को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed