फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Kashi experts spoke with concern and contemplation in Amar Ujala Samvad at Assi Ghat

Varanasi: बुद्धिजीवी बोले: ज्ञान की गंगा से नहीं, जिम्मेदारी व जवाबदेही से अविरल-निर्मल होंगी मोक्षदायिनी

Fri, 01 Mar 2024 05:38 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 01 Mar 2024 05:38 PM IST
सार

Varanasi News: मां गंगा आज अपने निर्मलता और अविरलता के अस्तित्व के लिए जूझ रही है। जिसके लिए हम जिम्मेदार हैं। सरकार और संस्थाओं के भरोसे नहीं बल्कि अपने नैतिक दायित्व को पहचानने की आवश्यकता है।

विज्ञापन
Kashi experts spoke with concern and contemplation in Amar Ujala Samvad at Assi Ghat
अमर उजाला की ओर से हुए संवाद कार्यक्रम में मौजूद मेयर अशोक कुमार तिवारी के साथ अन्य लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगा को जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ मां समझेंगे तभी वह निर्मल और अविरल होंगी। गुरुवार को अस्सी घाट पर अमर उजाला संवाद में गंगा तट पर गंगा की बात विषय पर शहर के गणमान्यों ने न केवल चिंता जताई बल्कि चिंतन भी किया। अलग-अलग वर्ग के बुद्धजीवियों ने गंगा और घाट की स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखने के लिए अपने प्रयास की जानकारी दी।

विज्ञापन


साथ ही सुझाव भी दिए। कहा कि गंगा की अमृतमयी एक बूंद के आचमन से मन शुद्ध और स्नान से पाप धुल जाते हैं। मां गंगा आज अपने निर्मलता और अविरलता के अस्तित्व के लिए जूझ रही है। जिसके लिए हम जिम्मेदार हैं। सरकार और संस्थाओं के भरोसे नहीं बल्कि अपने नैतिक दायित्व को पहचानने की आवश्यकता है।
विज्ञापन


इसी भाव से मां गंगा का पुरातन स्वरूप लौटेगा। बुद्धजीवियों ने आने वाले दिनों में गंगा को मां की सफाई का प्रण लिया। इस मौके पर विवेक सिंह, मनीष शर्मा, वीरेंद्र साहनी, पप्पू, मुन्ना आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


धर्म और अधिकार के साथ सभी को मानना होगा कि गंगा मेरी मां हैं और मैं उनका रक्षक हूं। गंगा और घाटों की सफाई को लेकर काफी कार्य हुए हैं। साफ-सफाई के लिए आने वाले दिनों में सफाईकर्मियों को डिवाइस दिए जाएंगे। - अशोक कुमार तिवारी मेयर, वाराणसी नगर निगम

शहर में एसटीपी का निर्माण किया गया। एसटीपी हमेशा सैंडबेड एरिया में होना चाहिए। यह प्रदूषण के स्तर को कम करता है। वरुणा और असि नदी का डायवर्जन किया गया। शाही नाला आज भी बह रहा है। इसे रोकने की जरूरत है। - प्रो. यूके चौधरी, नदी वैज्ञानिक

धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखकर लोग कपड़े का विसर्जन करते हैं। भगवान के फोटो फ्रेम के टूटे शीशे को भी गंगा में बहा रहे हैं। धर्मगुरू और कथावाचकों की मदद से जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। - नरसिंह दास, पार्षद दशाश्वमेध

गंगा में गंदगी न हो। सभी को प्रयास करना पड़ेगा। गंगा किनारे अर्पण कलश होना चाहिए ताकि लोग पूजा का निर्माल्य डालें। घाटों पर हर भाषाओं मेंं होर्डिंग होनी चाहिए। गंगा में गंदगी करने वालों पर जुर्माना लगाना चाहिए। - राजेश शुक्ला, नमामि गंगे के संयोजक

स्वच्छता के लिए निरंतर अभियान चलाने की जरूरत है। वर्तमान में गंगा में कचरा जा रहा है। जनता को जागरूक करने पर जोर देना होगा। बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी गंगा को स्वच्छ रखने के बारे में बताना होगा। - अनिल चौधरी, डोमराजा

गंगा पार टेंट सिटी बसाई गई। उसका सारा कचरा गंगा में बहाया गया। जेट्टी और चेंजिंग रूम को भी लोग गंदा कर रहे हैं। नाव पर बोटिंग के दौरान पानी पीने के बाद लोग बोतल गंगा में फेंकते हैं। इसे रोकने की जरूरत है। - प्रमोद मांझी, अध्यक्ष, मां गंगा निषादराज सेवा न्यास

गंगा को बाहरी आकर गंदा नहीं करता है। जब तक मन में भाव नहीं पैदा होगा कि गंगा को गंदा न करें। तब तक कोई शक्ति इसे पूरी तरह से साफ नहीं कर पाएगी। हम सभी को अपनी जिम्मेदारी समझकर इस पर जोर देने की जरूरत है। - रमेश पासवान, गंगा प्रेमी

गंगा को साफ करने के लिए प्रशासन की ओर से कई इंतजाम किए गए हैं। मणिकर्णिका घाट पर शवों को स्नान कराने की परंपरा है। यहां पर लोहे की जाली लगाई जानी चाहिए। चेंजिंग रूम को भी लोग गंदा कर रहे हैं। - पंकज उपाध्याय, जिला पंचायत सदस्य

पहले और अब में काफी अंतर आया है। पहले हजार की संख्या में पर्यटक और तीर्थ यात्री आते थे। अब लाखों में आ रहे हैं। गंगा और घाटों की सफाई के लिए काफी कार्य हुए हैं। घाटों पर दो बार सुबह शाम सफाई होती है। - रविंद्र सिंह, पार्षद अस्सी

गंगा और घाट की सफाई और सुंदरता की पहल इसी अस्सी घाट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। लोगों के भीतर गंगा की सफाई का भाव पैदा हुआ है। लोग स्वेच्छा से सफाई कर रहे हैं। सभी को मिलकर गंगा को साफ करना होगा। - सुष्मिता सेठ, गंगा प्रेमी


जल पुलिस, एनडीआरएफ और नगर निगम के प्रयास से कई कार्यों का लाभ मिल रहा है। गंगा आरती के दौरान नावों पर बैठे लोग पानी की प्लास्टिक की बोतलें गंगा में डाल देते हैं। ऐसे लोगों को जागरूक करना होगा। - मिथिलेश यादव, प्रभारी जल पुलिस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed