काशी: सोनबरसा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर उमड़े श्रद्धालु, भक्ति में झूमे भक्तगण
चौबेपुर के सोनबरसा गांव में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा व्यास संत दास जी महाराज ने वामन अवतार की कथा सुनाकर अहंकार त्यागने और परोपकार करने का संदेश दिया।
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चौबेपुर के सोनबरसा गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान कथा सुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अयोध्या से आए कथा व्यास संत दास जी महाराज ने वामन अवतार की कथा सुनाई और भक्तों को अहंकार त्यागकर परोपकार करने का संदेश दिया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे।
अहंकार त्यागकर परोपकार करने का संदेश
कथा व्यास संत दास जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने के साथ उसकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाना भी जरूरी है। भगवान विष्णु के वामन अवतार का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि राजा बलि को भगवान ने अहंकार और दंभ से दूर रहने की सीख दी। धन-संपत्ति क्षणभंगुर है, इसलिए मनुष्य को जीवन में परोपकार करना चाहिए। अहंकार, घृणा और ईर्ष्या से मुक्त होकर ही व्यक्ति ईश्वर की प्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
भजन और भगवान के नाम पर विश्वास जरूरी
कथा व्यास ने कहा कि भगवान के प्रति विश्वास और भक्ति मनुष्य को सही मार्ग दिखाते हैं। भागवत कथा के श्रवण के साथ भगवान के नाम का स्मरण और उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छी सीख और सकारात्मक विचार मनुष्य के आचरण में बदलाव ला सकते हैं। इसलिए आंख और कान से ग्रहण किए जाने वाले विचारों और दृश्यों के प्रति भी सजग रहना चाहिए।
कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से उत्सव में भाग लिया। कथा व्यास ने बताया कि पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा और 56 भोग का वर्णन किया जाएगा। इस अवसर पर मुन्नू चौबे, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पवन चौबे, राधेश्याम शुक्ला और राजू प्रजापति समेत कई लोग मौजूद रहे।