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राधारानी के प्राकट्य महोत्सव पर झूमे भक्त
ब्यूरो, अमर उजाला/वाराणसी
Updated Fri, 09 Sep 2016 03:00 AM IST
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राधाष्टमी महोत्सव में झूमतीं महिलाएं।
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राधारानी के प्राकट्य महोत्सव की गुरुवार को महमूरगंज में धूम मच गई। फूलों, हरी पत्तियों से सजी मनोरम झांकी के बीच महाआरती के बाद भक्त जमकर झूमे नाचे। कृष्ण महामंत्र का कीर्तन किया गया। राधा कृष्ण के महारास पर आधारित कथक नृत्य की प्रस्तुति हर किसी के लिए यादगार बन गई। फिरदौस खान के भजनों पर लोग थिरकते रहे। इस दो दिवसीय महोत्सव का संयोजन हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से किया गया।
महमूरगंज स्थित माहेश्वरी भवन में राधाष्टमी महोत्सव की शुरुआत शाम छह बजे तुलसी महारानी की आरती से हुई। भगवान श्रीकृष्ण और राधा के युगल स्वरूप चैतन्य महाप्रभु की आरती के बाद भजनों की रसधार बहने लगी। महामंत्रों के गान के साथ भक्त थिरकने लगे। राधा-कृष्ण का मनोरम शृंगार हर किसी का ध्यान खींच रहा था। भगवान जगन्नाथ, बलदेव, सुभद्रा के विग्रहों की भी झांकी सजाई गई थी। गुलाब प्रभु, राघवेंद्र प्रभु ने भजनों की प्रस्तुति की।
वृषभानु की दुलारी बड़ी प्यारी लागे... के बाद बरसाने बसालो श्रीराधे... जैसे भजनों की प्रस्तुति की। भजनों पर भक्त इस तरह थिरक रहे थे, जैसे माहेश्वरी भवन में बृजधाम उतर आया हो। आर्यन, प्रिया, रिया, अनुष्का ने -मधुबन में कन्हैया किसी गोपी से मिले तो राधा क्यों न जले... गीत पर भावपूर्ण कथक नृत्य की प्रस्तुति की। फिरदौस खान ने राधारानी के दरबार में भजनों की झड़ी लगाकर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल कायम की। तेरे अधरों की मुस्कान पे कान्हा हो गई मैं कुर्बान/ ओ मुरलीधर तूं है मेहरबान...। राधा का भी श्याम हो तो मीरा का भी श्याम...। यशोमति मैया से बोले नंदलाला राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला... जैसे भजनों पर भक्त खूब झूमे। शुक्रवार को नृत्यनाटिका के साथ ही राधारानी को 56 भोग अर्पित किया जाएगा।
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महमूरगंज स्थित माहेश्वरी भवन में राधाष्टमी महोत्सव की शुरुआत शाम छह बजे तुलसी महारानी की आरती से हुई। भगवान श्रीकृष्ण और राधा के युगल स्वरूप चैतन्य महाप्रभु की आरती के बाद भजनों की रसधार बहने लगी। महामंत्रों के गान के साथ भक्त थिरकने लगे। राधा-कृष्ण का मनोरम शृंगार हर किसी का ध्यान खींच रहा था। भगवान जगन्नाथ, बलदेव, सुभद्रा के विग्रहों की भी झांकी सजाई गई थी। गुलाब प्रभु, राघवेंद्र प्रभु ने भजनों की प्रस्तुति की।
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वृषभानु की दुलारी बड़ी प्यारी लागे... के बाद बरसाने बसालो श्रीराधे... जैसे भजनों की प्रस्तुति की। भजनों पर भक्त इस तरह थिरक रहे थे, जैसे माहेश्वरी भवन में बृजधाम उतर आया हो। आर्यन, प्रिया, रिया, अनुष्का ने -मधुबन में कन्हैया किसी गोपी से मिले तो राधा क्यों न जले... गीत पर भावपूर्ण कथक नृत्य की प्रस्तुति की। फिरदौस खान ने राधारानी के दरबार में भजनों की झड़ी लगाकर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल कायम की। तेरे अधरों की मुस्कान पे कान्हा हो गई मैं कुर्बान/ ओ मुरलीधर तूं है मेहरबान...। राधा का भी श्याम हो तो मीरा का भी श्याम...। यशोमति मैया से बोले नंदलाला राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला... जैसे भजनों पर भक्त खूब झूमे। शुक्रवार को नृत्यनाटिका के साथ ही राधारानी को 56 भोग अर्पित किया जाएगा।
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