पीएम मोदी की ऐतिहासिक जीत का मिला नड्डा को इनाम, पूर्वांचल में जातीय समीकरण तोड़ा
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लोकसभा चुनाव में वाराणसी सहित पूरे प्रदेश में बड़ी जीत दिलाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को भाजपा अध्यक्ष के रूप में बड़ा इनाम मिला है। उत्तर प्रदेश के प्रभारी के रूप में लोकसभा चुनाव में तीन चरणों के बाद वे काशी को ही केंद्र बनाकर पूर्वांचल में सक्रिय रहे।
सपा-बसपा गठबंधन के जातीय समीकरण को ध्वस्त करने में उनकी बड़ी भूमिका रही थी। केंद्र सरकार में स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रसाद नड्डा लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सक्रिय थे।
चुनाव की घोषणा के बाद प्रदेश प्रभारी होने के बाद भी वाराणसी के चुनाव प्रचार की कमान संभाली। वर्ष 2014 के चुनाव में पीएम मोदी ने वाराणसी लोकसभा सीट पर प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल को साढ़े तीन लाख से ज्यादा मतों से हराया था।
2019 में पीएम मोदी ने नामांकन के बाद वाराणसी में चुनाव प्रचार नहीं किया, ऐसे में उनकी जीत को ऐतिहासिक बनाने के लिए चुनाव प्रबंधन में जुटे पदाधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई थी। एक महीने से ज्यादा के प्रवास में जेपी नड्डा ने बूथ स्तर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया और पिछली बार की अपेक्षा वर्ष 2019 में पीएम मोदी की जीत में भूमिका निभाई।
इसी जीत के बाद से नड्डा की ताजपोशी तय मानी जा रही थी। फिलहाल दिसंबर तक कार्यकारी अध्यक्ष चुने गए नड्डा को अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में देखा जा रहा है। राज्यमंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कार्यकर्ता के रूप में काम किया। प्रदेश प्रभारी के रूप में हर लोकसभा के कार्यकर्ताओं से उन्होंने रिश्ता बनाया था।
वाराणसी में उनके साथ काम करने के दौरान उनकी मेहनत का हर कोई कायल हो गया था। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि पूर्वांचल में उनकी राजनीतिक सोच ने विपक्ष के हर प्रयोग को विफल कर दिया था। काशी प्रवास के दौरान यहां के हर कार्यकर्ता से उन्होंने अलग रिश्ता कायम किया है।